इंदौर के मल्हारगंज इलाके में एक बैंक ऑफिसर की 6 साल पहले मौत हो गई थी, पुलिस जांच में मौत आत्महत्या के कारण होने की बात सामने आई थी, लेकिन न्यायालय ने मौत को हत्या माना है और अब न्यायलय के आदेश पर पुलिस ने 5 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसमें से आरोपियों में से दो आरोपियों की मौत भी हो चुकी है।
दरअसल मल्हारगंज इलाके में रहने वाले बसंत वर्मा की मौत के मामले में उनके यहां काम करने वाली ललिता पति महेंद्र जैन निवासी नार्थ राजमोहल्ला, प्रेम सिंह राठौर, मांगीलाल पिता जगन्नाथ मालवीय, मनोहर डीके और एसबी आचार्य के खिलाफ हत्या, जाली दस्तावेज बनाने और साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक बसंत वर्मा बैंक के रिटायर्ड अधिकारी थे, उन्हें कई बीमारियां थी, उन्होंने विवाह नहीं किया था, उनके यहां रहकर ललिता जैन उनकी देखभाल करती थी, बसंत वर्मा की मौत के 1 माह पहले ही उनकी संपत्ति को लेकर एक वसीयत तैयार हुई और उनकी संपत्ति के मालिक प्रकरण में मुलजिम बने लोग हो गए थे, बसंत वर्मा के भतीजे जितेंद्र पिता राजकुमार ने मामले को लेकर तत्कालीन पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी, क्योंकि पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद भतीजे जितेंद्र ने न्यायालय में परिवाद लगा दिया था। परिवाद पर सुनवाई के बाद अब उसमें फैसला आया है जिसके बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। वही आरोपियों में मांगीलाल और मनोहर की मौत हो चुकी है। पुलिस का कहना है बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए।
