मध्य प्रदेशइंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर हमेशा नवाचार करने में अग्रणी रहता है जिससे शहर इंदौर हमेशा सुर्खियों में रहता है लेकिन इस बार एक प्रसादी की दुकान को लेकर पूरे भारतवर्ष में इंदौर शहर की चर्चा है.
दरअसल मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर शहर में यू तो जमीनों की कीमत आसमान छू रही है. वही इंदौर शहर में रियल स्टेट का बड़ा कारोबार माना जाता है बड़ी बड़ी कंपनिया इन्वेस्ट करने में लगी हुई है. वही ऐसे समय में खजराना गणेश मंदिर परिसर में लगने वाली प्रसादी की दुकान की नीलामी में एक दुकान के दामों को सुनकर बड़े बड़े रियल स्टेट कारोबारी भी दंग है.
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर परिसर प्रसादी की करीब 60 दुकान है जिसमे दर्शन को आने वाले भक्त प्रसादी लेते है जिनमे खाली दो पड़ी दुकानों को बेचने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण के माध्यम से टेंडर जारी किए गए थे 36 और 69.53 वर्गफीट की दुकानों के लिए 30 लाख की बेस प्राइज रखी गई थी.
वही जब आईडीए द्वारा द्वारा टेंडर खोले गए तो 69.53 वर्गफीट की दुकान के टेंडर को देख प्रशासन और आईडीए के अधिकारी दंग रह गए. क्योंकि एक व्यापारी देवेंद्र राठौड़ द्वारा सबसे अधिक राशि 1 करोड़ 72 लाख रुपए 69.53 वर्गफीट की दुकान के लगाए थे. जिससे इस दुकान की कीमत करीब 2.47 लाख रुपए प्रति वर्गफीट आई है. वहीं 36 वर्गफीट की दुकान के लिए 22 लाख रुपए कीमत लगाई गई.
वही खजराना परिसर में दुकान संचालित कर रहे दयाशंकर का कहना है कि हमारी दुकान 1995 इस खजराना गणेश मंदिर परिसर में है हर दुकान का 15 से ₹20000 का गल्ला प्रतिदिन होता है वही सबसे आखरी में आने वाली दुकानों पर सबसे ज्यादा बिक्री होती है यही कारण है की इस परिसर में सबसे आखरी की 01 नंबर की दुकान को इतना भाव मिला है.
वही मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने बताया की इंदौर विकास प्राधिकरण के द्वारा खाली पड़ी दो दुकानों के टेंडर जारी किए थे जिसमे पहली नंबर की दुकान को खजराना गांव में ही रहने वाले व्यापारी देवेंद्र राठौड़ को 01 करोड़ 72 लाख 15 सो 57 रु में 30 साल की लीज पर टेंडर के माध्यम से दी गई है. देवेंद्र राठौड़ की इसी परिसर में 13 नंबर की दुकान भी है. फिलहाल 01 नंबर की दुकान खाली पड़ी है जिसमे इलेक्ट्रिक पैनल लगी हुई है. इस टेंडर में लगाई गई राशि को व्यापारी द्वारा एक महीने में देने का समय दिया गया है. यह राशि खजराना गणेश प्रबंध समिति में जमा होगी जिससे मंदिर का और विस्तार हो सकेगा.
गोरतलब है की इंदौर के रियल स्टेट कारोबार में अब तक का व्यावसायिक प्रॉपर्टी का सबसे महंगा सौदा माना जा रहा है. और इसमें आश्चर्य की यह बात है की इस दुकान से केवल लड्डू, हार-फूल व पूजन सामग्री ही बेची जानी है. की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर हमेशा नवाचार करने में अग्रणी रहता है जिससे शहर इंदौर हमेशा सुर्खियों में रहता है लेकिन इस बार एक प्रसादी की दुकान को लेकर पूरे भारतवर्ष में इंदौर शहर की चर्चा है.
दरअसल मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर शहर में यू तो जमीनों की कीमत आसमान छू रही है. वही इंदौर शहर में रियल स्टेट का बड़ा कारोबार माना जाता है बड़ी बड़ी कंपनिया इन्वेस्ट करने में लगी हुई है. वही ऐसे समय में खजराना गणेश मंदिर परिसर में लगने वाली प्रसादी की दुकान की नीलामी में एक दुकान के दामों को सुनकर बड़े बड़े रियल स्टेट कारोबारी भी दंग है.
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर परिसर प्रसादी की करीब 60 दुकान है जिसमे दर्शन को आने वाले भक्त प्रसादी लेते है जिनमे खाली दो पड़ी दुकानों को बेचने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण के माध्यम से टेंडर जारी किए गए थे 36 और 69.53 वर्गफीट की दुकानों के लिए 30 लाख की बेस प्राइज रखी गई थी.
वही जब आईडीए द्वारा द्वारा टेंडर खोले गए तो 69.53 वर्गफीट की दुकान के टेंडर को देख प्रशासन और आईडीए के अधिकारी दंग रह गए. क्योंकि एक व्यापारी देवेंद्र राठौड़ द्वारा सबसे अधिक राशि 1 करोड़ 72 लाख रुपए 69.53 वर्गफीट की दुकान के लगाए थे. जिससे इस दुकान की कीमत करीब 2.47 लाख रुपए प्रति वर्गफीट आई है. वहीं 36 वर्गफीट की दुकान के लिए 22 लाख रुपए कीमत लगाई गई.
वही खजराना परिसर में दुकान संचालित कर रहे दयाशंकर का कहना है कि हमारी दुकान 1995 इस खजराना गणेश मंदिर परिसर में है हर दुकान का 15 से ₹20000 का गल्ला प्रतिदिन होता है वही सबसे आखरी में आने वाली दुकानों पर सबसे ज्यादा बिक्री होती है यही कारण है की इस परिसर में सबसे आखरी की 01 नंबर की दुकान को इतना भाव मिला है.
वही मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने बताया की इंदौर विकास प्राधिकरण के द्वारा खाली पड़ी दो दुकानों के टेंडर जारी किए थे जिसमे पहली नंबर की दुकान को खजराना गांव में ही रहने वाले व्यापारी देवेंद्र राठौड़ को 01 करोड़ 72 लाख 15 सो 57 रु में 30 साल की लीज पर टेंडर के माध्यम से दी गई है. देवेंद्र राठौड़ की इसी परिसर में 13 नंबर की दुकान भी है. फिलहाल 01 नंबर की दुकान खाली पड़ी है जिसमे इलेक्ट्रिक पैनल लगी हुई है. इस टेंडर में लगाई गई राशि को व्यापारी द्वारा एक महीने में देने का समय दिया गया है. यह राशि खजराना गणेश प्रबंध समिति में जमा होगी जिससे मंदिर का और विस्तार हो सकेगा.
गोरतलब है की इंदौर के रियल स्टेट कारोबार में अब तक का व्यावसायिक प्रॉपर्टी का सबसे महंगा सौदा माना जा रहा है. और इसमें आश्चर्य की यह बात है की इस दुकान से केवल लड्डू, हार-फूल व पूजन सामग्री ही बेची जानी है.

