
इंदौर: महाराष्ट्र के पुणे से मध्यप्रदेश के उज्जैन की ओर अशोका ट्रेवल्स की ए.सी.स्लीपर क्लास बस में से उतरने के बाद उज्जैन निवासी शिक्षिका और उनके 10 वर्षीय मासूम बेटे की मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने बस प्रबंधन के साथ ही ड्रायवर और कंडक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया था। अब इंदौर पुलिस ने बस के दो ड्रायवर और एक कंडक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया।

दरअसल, उज्जैन के नानाखेड़ा क्षेत्र की वैद्य कालोनी में रहने वाली 38 वर्षीय शिक्षिका दीपिका पति संदीप पटेल, 10 वर्षीय इकलौते बेटे आदित्यराज पटेल और अपनी माँ पुष्पा वर्मा के साथ पुणे से उज्जैन लौट रही थी। रास्ते मे सफर के दौरान लग्जरी बस में माँ दीपिका और बेटे आदित्य राज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और जी घबराने के साथ ही उल्टी करने लगे
हालांकि, इस बात की जानकारी देकर उन लोगो ने ड्रायवर और कंडक्टर से प्राथमिक चिकित्सा की मांग की और जब हालत बिगड़ने लगी तो उन्होंने इलाज की सुविधा की मांग की। बावजूद इसके बस को वो दौड़ाते रहे और सुबह – सुबह सहायता के नाम पर उन्हें इंदौर के तीन इमली चौराहे पर रिक्शा में बिठा दिया।इधर,माँ पुष्पा वर्मा दीपिका और आदित्य को इलाज ले क्लिनिक ले गई लेकिन वहां से डॉक्टर ने उन्हें तुरंत इलाज के निजी अस्पताल भेज दिया। वही दोपहर दो बजे दीपिका और आदित्य की मौत इलाज के दौरान हो गई।वही पुलिस ने इस मामले में माँ पुष्पा वर्मा और भाई अजीत की शिकायत पर जांच शुरू कर दी।
