इंदौर शहर में कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस विभाग में कुछ नए फेरबदल किए गए हैं। जिसके तहत अपराध शाखा में भी बढ़ोतरी की गई है इस बार इंदौर शहर में अपराध शाखा के लिए अलग से डीसीपी को अप्वॉइंट किया गया है। जिसके द्वारा अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें ऑर्गेनाइज्ड क्राईम, बड़े अपराध और नशे पर रोक लगाएंगी।
दरसअल इंदौर में क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी इंदौर डीसीपी निमिष अग्रवाल को दी गई है। अपने पद को संभालने के बाद पहले इंदौर शहर के सभी क्राइम ब्रांच के अधिकारी और जवानों के साथ एक बैठक लेकर अपराधों की समीक्षा की.. वही डीसीपी का कहना है कि क्राइम ब्रांच का मुख्य रूप से काम ऑर्गेनाइज क्राइम को रोकना है, जैसे कि कोई राशन में मिलावट हो या धोखाधड़ी कर अपराध कर रहा है। साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम साइबर फ्रॉड पर भी काम कर रही है, वही क्राइम ब्रांच की टीम ने नशे के व्यापार में लिप्त आरोपियों पर भी कार्रवाई करने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया है। हालांकि अब तक क्राइम ब्रांच की टीम ने काफी कार्रवाई की है जिसमें अवैध हथियारों सहित तमाम कार्रवाई शामिल है। डीसीपी का कहना है कि उनकी टीम लगातार अपराधियों पर नजर रख रहीं है। जल्द से जल्द किसी की शिकायत मिलने पर अपराधियों पर कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में माफियाओं को भी गिरफ्तार किया है।
