
नगर निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए आय के नए स्रोत बनाए जा रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने शहर में चलने वाले मैरिज गार्डन, ढ़ाबा, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट आदि को रेगुलर करने की तैयारी की है। क्योंकि यहां से निगम को अभी तक कोई टैक्स नहीं मिल रहा है। जबकि ये संस्थान हर साल लाखों का कारोबार कर रहे हैं। निगम ने ऐसे संस्थानों का सर्वे करा सूची तैयार की है। ये सूची राज्य सरकार को भेजकर पाॅलिसी बनाने की मांग की है ताकि इन्हें नियमित कर इनसे टैक्स वसूला जा सके। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में बने तमाम बैंकेट हॉल, मैरिज गार्डन, गेस्ट हाउस व ढाबों ने बगैर इजाजत के चल रहे हैं। ये लोग अवैध तरीके से व्यवसायिक गतिविधियां कर रहे हैं।
पूरे शहर की तैयार कराई गई सूची
नगर निगम प्रशासन ने क्षेत्रीय कराधान अधिकारियों से अपने जोन की लिस्ट तैयार कराइ गई। अधिकारियों ने सूची तैयार कर प्लानिंग ब्रांच को भी सौंप दी है। इस वक्त शहर में 100 से ज्यादा मैरिज गार्डन व बैंकेट हॉल चिन्हित किए गए हैं। इन सभी की सूची सरकार के पास भेजी जा रही है। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में चिन्हित किए गए वैंक्वेट हाल व मैरिज गार्डन आवासीय क्षेत्र और कृषि योग्य क्षेत्र में चलाए जा रहे हैं। जबकि नियमानुसार इन इलाकों में चलाने की इजाजत नहीं है। निगम के पास केवल एक मैरिज गार्डन ने इजाजत ली है। बाकी सभी अवैध तरीके से चलाए जा रहे हैं।
शादी के सीजन में सड़कें हो जाती है जाम
जो लोग अवैध तरीके से मैरिज गार्डन, वैंक्वेट हाल व गेस्ट हाउस चला रहे हैं उनके पास पार्किंग तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में शादी के सीजन में गाड़ियां सड़कों पर पार्क होती हैं। इससे शहर में जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। करोड़ों की कमाई इनके मालिकान करते हैं और परेशान जनता होती है। नगर निगम को भी फू़ड़ी कौड़ी तक नहीं मिलती। अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2019 में सरकार ने आदेश जारी कर नियम बनाया था कि 9 मीटर चौड़ी सड़क पर जो मैरिज गार्डन व वैंक्वेट हॉल बने हैं वह वैध हो सकते हैं, बशर्ते उन्हें नियमों का पालन करना होगा। अब इस पॉलिसी को अपग्रेड करने की जरूरत है।
अधिकारी बोले
नगर निगम चीफ टाउन प्लानर धर्मपाल का कहना है कि सर्वे कराके राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी जा रही है।इन्हें वैध करने की पाॅलिसी मांगी जाएगी। नियम के अनुसार फीस जमा करा अनुमति दे दी जाएगी। यदि पाॅलिसी नहीं आती है तो इन्हें सील भी किया जा सकता है।

