
दिल्ली सरकार ने स्मॉग टावर की क्लोज मॉनिटरिंग करने के लिए 16 सदस्यीय कमेटी गठित किया है। स्मॉग टावर को लेकर गठित कमेटी तीन-तीन महीने के अंतराल पर कुल तीन रिपोर्ट सरकार को देगी। जिसके आधार पर सरकार दूसरी जगहों पर स्मॉग टावर लगाने का निर्णय लेगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस स्थित स्मॉग टावर का दौरा किया।
इसके बाद केजरीवाल सरकार की तरफ से लगाए गए स्मॉग टावर की प्राथमिक रिपोर्ट आज जारी की गई। जिसमें खुलासा हुआ है कि स्मॉग टावर 80 प्रतिशत तक हवा को साफ कर रहा है। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से पहले स्मॉग टावर का उद्घाटन 23 अगस्त को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया था। उसके बाद इसका पायलट आधार पर ट्रायल कर रहे थे। अब इसका ट्रायल पूरा हो गया है।
40 पंखे एक किलोमीटर के आस-पास के हवा को करते हैं साफ
यह स्मॉग टावर शुक्रवार को फुल क्षमता के साथ शुरू कर दिया गया है। इस स्मॉग टावर में लगभग दस हजार फिल्टर लगाए गए हैं जो प्रदूषित हवा को साफ करते हैं। इसमें 40 पंखे लगाए गए हैं और 1 किलोमीटर के आसपास के क्षेत्र की हवा को साफ करते है। यह लगभग पर 1000 घन मीटर प्रति सेकंड के हिसाब से हवा को प्यूरिफई करके वातावरण में छोड़ेगा। जिसे मॉनिटर करने के लिए कई सेंसर्स लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हवा जो ऊपर से आती है उसमें कितना पीएम 2.5 और पीएम 10 है, यह सेंसर्स बताते हैं। इसके अलावा हवा साफ होने के बाद निकलती है उसमें भी सेंसर लगाए गए हैं। सुबह से अभी तक की रिपोर्ट आयी है। सुबह करीब 8 बजे के आसपास पीएम 2.5 का स्तर 151 था जो प्यूरिफाई होने के बाद 38 हो गया था। इसके अलावा पीएम 10 का स्तर 166 था जो कि प्यूरिफाई होने के बाद 41 हो गया। उसी तरह से अभी दोपहर 12.45 पर पीएम 2.5 का स्तर 60 था जो कि 14 हो गया है और पीएम 10 का स्तर 63 था जो कि 15 हो गया है।
16 सदस्य मॉनिटरिंग कमेटी में पांच सदस्य डीपीसीसी के हाेंगे
गोपाल रॉय ने बताया कि शुक्रवार को 16 सदस्य मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई है। जिसमें 5 सदस्य दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (डीपीसीसी) के होंगे और इसके प्रमुख डॉ. मोहन जॉर्ज होंगे। इसके अलावा आईआईटी बॉम्बे की 5 सदस्यीय टीम होगी, जिसके प्रमुख प्रोफेसर मनमोहन साहू जी लीड करेंगे। एमबीसीसी के 3 सदस्य होंगे, जिनको संजय गुप्ता लीड करेंगे।

