ट्रंप ने ईरान पर सैंक्शन राहत और फ्रीज़्ड फंड्स की पेशकश की
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम पर ठोस कदमों के बदले सैंक्शन राहत और फ्रीज़्ड फंड्स की पहुँच देने की तैयारी जताई, जबकि क़तर और पाकिस्तान ने वार्ता को फिर से शुरू करने का प्रयास किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को उसके न्यूक्लियर कार्यक्रम पर ठोस कदमों के बदले सैंक्शन में राहत और फ्रीज़ किए गए ईरानी फंड्स तक पहुंच देने को तैयार हैं। अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट एक्सियोस ने सोमवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी।
यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब क़तर और पाकिस्तान कई हफ्तों से अटकी बातचीत को दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले ट्रंप ने युद्ध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोलने के ईरान के ताज़ा प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, लेकिन बाद में एक्सियोस से कहा कि उन्हें आने वाले दिनों में बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद है।
बातचीत के केंद्र में न्यूक्लियर मुद्दा
दोनों पक्ष अब भी मुख्य मुद्दों पर और इस बात पर बंटे हुए हैं कि कौन-सा वादा पहले पूरा हो। एक्सियोस के मुताबिक, ईरान चाहता है कि बातचीत होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और सैंक्शन पर केंद्रित रहे, जबकि ट्रंप प्रशासन तेहरान से उसके न्यूक्लियर कार्यक्रम पर साफ वादा मांग रहा है।
क़तर के मध्यस्थ न्यूयॉर्क में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ उस प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं, जिस पर पिछले कुछ दिनों से बात चल रही है। मतभेद कम करने के लिए उनकी अमेरिकी अधिकारियों से भी बात होने की उम्मीद है।
अप्रत्यक्ष बातचीत “सकारात्मक और रचनात्मक” रही है।
“positive and constructive” — वार्ता से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी
इस अधिकारी के मुताबिक, ईरान ने न्यूक्लियर मुद्दों पर कुछ लचीलापन दिखाया है, लेकिन बड़े मतभेद अब भी बाकी हैं। दोनों पक्ष अभी तय नहीं कर पाए हैं कि वादे कब पूरे हों और पहला कदम कौन उठाए। अधिकारी ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के वादों को लेकर आशंकित है और चाहता है कि तेहरान समझौते को लेकर अपनी गंभीरता का भरोसा दिलाए।
ईरान: फिलहाल नई बातचीत की योजना नहीं
न्यूयॉर्क में मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कहा है कि फिलहाल अमेरिका के साथ आगे बातचीत की उसकी कोई योजना नहीं है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, तेहरान क़तर के जरिए अपना रुख वाशिंगटन तक पहुंचा चुका है और प्रतिनिधिमंडल के तेहरान लौटने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के हालिया प्रस्ताव में ये मांगें शामिल थीं:
- होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना
- फ्रीज़ किए गए ईरानी फंड्स की रिहाई
- तेल सेक्टर पर लगे सैंक्शन खत्म करना
- अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाना
ट्रंप ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था, लेकिन बाद में संकेत दिया कि आगे बातचीत हो सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट बना विवाद की जड़
होर्मुज स्ट्रेट इस विवाद का सबसे अहम मुद्दा बना हुआ है। संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने इस अहम जलमार्ग की नाकेबंदी कर दी थी, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की।
हाल के हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच लड़ाई कम हुई है। अमेरिका ने 1 सितंबर के बाद से ईरान पर कोई हमला नहीं किया है, जबकि तेहरान होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाता रहा है।

21 सितंबर, सोमवार
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