
जीवन हमेशा आशा, उम्मीदों एवं प्रवाह का पर्याय रहा है, किन्तु कभी-कभी विषम परिस्थितियां असमय इस प्रवाह को रोक कर जीवन के अंतिम सत्य की ओर मुड़ जाती है। ऐसा ही हुआ इंदौर के दवे परिवार के साथ, परिवार ने अपने 25 वर्षीय युवा पुत्र गौरव दवे को असमय खोया, लेकिन तभी परिवार ने अपने उस चिराग से दूसरों की जीवन में रोशनी भरने का संकल्प कर उनका हृदय, लीवर, किडनी तथा नेत्र दान करने का संकल्प लिया तथा चार जीवन रोशन भी किए और अपने नाम को मृत्यु के बाद भी सार्थक किया।

संभागायुक्त श्री भास्कर लक्षकार ने आज अंगदानी स्व. गौरव दवे के परिवार से भेंट कर उनके अतुल्य निर्णय की सराहना की और कहा कि संकट की इस सबसे कठिन घड़ी में धैर्य और करुणा के साथ दूसरों के जीवन के बारे में सोचना आपके मानवीय मूल्यों को बताता है। परिवार को प्रशासन की तरफ से हर संभव सहायता प्रदान की जावेगी।
इस अवसर पर क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. शॉजी जोसेफ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, सिविल सर्जन डॉ. भुपेन्द्र सिंह शेखावत एवं मुस्कान ग्रुप के श्री संदीपन आर्य और श्री जीतू बगानी भी उपस्थित थे।
