ऐतिहासिक धरोहरों और जल संरचनाओं का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता, अधिकारियों को दिए जीर्णोद्धार के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज प्राचीन श्री वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर का दौरा कर वहां स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन बावड़ी का बारीकी से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

प्राचीन जल संरचनाओं का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि हमारी प्राचीन बावड़ियाँ और जल संरचनाएँ हमारी समृद्ध वास्तुकला और जल प्रबंधन की दूरदर्शिता का प्रतीक हैं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को संजोना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए:
वैज्ञानिक पद्धति से जीर्णोद्धार की बात कही। बावड़ी के मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बिना नुकसान पहुँचाए, वैज्ञानिक पद्धति से इसकी सफाई और जीर्णोद्धार (Restoration) कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आम जन की सुरक्षा के लिए बावड़ी के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली अथवा रैलिंग अनिवार्य रूप से लगाई जाए। बावड़ी के प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए तकनीकी उपाय किए जाएं ताकि पारंपरिक जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। मंदिर और बावड़ी के आस-पास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया जाए, जिससे यहाँ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि समस्त विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य एक निश्चित समय-सीमा तय कर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।
इस अवसर पर नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, श्री सुमित मिश्रा, श्री सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार और कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
