
इंदौर क्राइम ब्रांच IPL सट्टे के मामले में दो लोगों की तलाश में है। इसमें एक वह है जो लोगों को आईडी पासवर्ड देता जबकि दूसरा वह है जिसकी आईडी थी। बता दें कि क्राइम ब्रांच ने IPL का सट्टा ऑपरेटर करने वाले एक सूदखोर को एरोड्रम इलाके से पकड़ा था और शनिवार को इसका खुलासा किया था।
इसमें खास बात यह थी कि वह लोगों को मैच में पैसा लगाने के लिए भी देता था और उन पैसों पर ब्याज पर लेता था। जब वह ब्याज के लिए लोगों को परेशान करने लगा तो इसकी जानकारी क्राइम ब्रांच को लग गई, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया था।
दो ओर लोगों की तलाश
डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने धर्मराज कॉलोनी थाना एरोड्रम इंदौर से शुभम उर्फ मोनू यादव को IPL का सट्टा ऑपरेट करते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। उससे पूछताछ की गई और उसके मोबाइल चेक किए गए तो कुछ अहम जानकारी हाथ लगी है, जिसके आधार पर टीम आगे काम कर रही है। इस मामले में दो ओर लोगों की तलाश है। इसमें एक जो है शुभम की तरफ सट्टा आपरेट करता है, जबकि दूसरा वह है जिसकी ये आईडी है।
मैच देखते हुए ऑपरेटर कर रहा था सट्टा
क्राइम ब्रांच की टीम जब शुभम के घर दबिश देने पहुंची तो वह टीवी पर मैच देख रहा था और अपने मोबाइल फोन से सट्टा आॉपरेट कर रहा था। इस पर क्राइम ब्रांच की टीम ने रंगेहाथ ही उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से मोबाइल फोन सहित एक लाख रुपए का माल जब्त किया गया था। उसके मोबाइल फोन में लाखों रुपए के ट्रांजेक्शन मिले हैं। बताया जा रहा है कि टीम बैंक खातों की भी जानकारी निकाल रही है। डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में एक धर्मेंद्र नामक व्यक्ति को भी पकड़ा है, जो आईडी पासवर्ड्स उपलब्ध कराने का काम करता था।
