
नए साल के जश्न से 5 दिन पहले मप्र एसटीएफ ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ ने ओडिशा से मप्र लाए जा रहे 599 किलो गांजा ट्रक सहित जब्त किया है। इसकी कीमत 1.80 करोड़ रुपए बताई जा रही है। ट्रक के मप्र में प्रवेश करते ही एसटीएफ ने 16 किमी तक पीछा किया और जेसीबी की मदद से उसे रोका।
ट्रक सवार सीधी निवासी अंकित विश्वकर्मा व सतना निवासी धनंजय पटेल को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि गांजे की खेप इंदौर और आसपास के शहरों में सप्लाई की जानी थी। सटीक सूचना मिलने पर स्पेशल डीजी एसटीएफ पंकज श्रीवास्तव के निर्देश और एसपी एसटीएफ राजेश सिंह भदौरिया के नेतृत्व में दो टीमें तैनात की गई थीं।
ओडिशा: ‘ग्रीन गोल्ड’ का गढ़
ओडिशा के मलकानगिरी और कोरापुट जैसे जिले गांजे की खेती के लिए कुख्यात हैं। वहां से 5-8 हजार रुपए किलो में खरीदा गया गांजा, मप्र और दिल्ली के बाजारों तक पहुंचते-पहुंचते 30 से 50 हजार रु. प्रति किलो तक बिकता है।
मप्र खुद बड़ा उत्पादक नहीं है, लेकिन ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश का गांजा मप्र के जरिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, यूपी–राजस्थान तक पहुंचता है। यानी मप्र ब्रिज स्टेट बन चुका है, यहीं से खेप बंटती है।
गुप्त केबिन में छुपा रखा था गांजा
तस्करों ने ट्रक में गुप्त केबिन बनाकर गांजा छिपाया था। इसके अलावा तस्कर नेशनल और स्टेट हाईवे से बचते हजंगल के रास्तों से ट्रक ले जा रहे थे। यह कार्रवाई छग-मप्र सीमा के पास अनूपपुर जिले के जंगल क्षेत्र में की गई।
