इंदौर के राजेंद्र नगर थाने के सब इंस्पेक्टर (SI) मनोहर लाल को डीसीपी ने सस्पेंड कर दिया है। एक युवक ने सुसाइड से पहले वीडियो बनाकर उन पर एक्सीडेंट के बाद 50 हजार रुपए मांगने और मारपीट के झूठे आरोप लगाए थे।
अब इस मामले में एसआई मनोहर लाल ने खुद पर लगे आरोपों पर सफाई दी है। उनका कहना है कि मेरी कोई गलती नहीं है। घटना के समय मैं नाइट ड्यूटी पर था। मौके पर एडिशनल डीसीपी और टीआई भी मौजूद थे।
घटना के बाद अभिषेक पाटिल मामले में समझौता कराने की बात कर रहा था। मैंने इससे इनकार कर दिया और उसे सीधे शिकायतकर्ता से बात करने के लिए कहा था। अभिषेक पाटिल पर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह अपने भाई सुधीर के साथ लूट के मामले में द्वारकापुरी पुलिस द्वारा पहले भी पकड़ा जा चुका है। वह नशे का आदी था।
व्यापारी की कार को मारी थी टक्कर
एसआई ने बताया कि कपिल सोमानी नामक एक व्यापारी, जो राजेंद्र नगर क्षेत्र का निवासी है, उसकी कार को अभिषेक ने टक्कर मारी थी। घटना के समय वह शराब लेने जा रहा था। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मी उसे थाने लेकर आए थे।
थाने में अभिषेक ने टीआई के सामने आरोप लगाया था कि कपिल सोमानी उससे कार की मरम्मत के लिए 25 हजार रुपए मांग रहा है। इस पर टीआई ने नाइट ड्यूटी के चलते मामले को देखने की जिम्मेदारी मुझे सौंपी थी। और उस व्यापारी का एक वीडियो भी सामने आया है
बता दें, सोमवार रात अभिषेक की टैक्सी का एक कार से एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद पुलिस उसे गाड़ी समेत थाने ले आई थी। इसके बाद उसने वीडियो बनाकर आरोप लगाए और सुसाइड कर लिया था।
मैंने कोई रुपए की डिमांड नहीं की
एसआई मनोहर लाल ने बताया कि अभिषेक चाह रहा था कि मैं उसका समझौता करवा दूं। मैंने इंकार कर दिया और कहा कि सीधे कार मालिक कपिल से कर लो। कपिल से भी कहा कि तुम आपस में समझौता कर लो, बाद में थाने के चक्कर मत काटना। इसके बाद कपिल ने रुपए की डिमांड की। अभिषेक ने कहा कि वह इतने रुपए नहीं दे पाएगा। चूंकि कपिल फरियादी था, इसलिए अभिषेक को वहीं कार छोड़कर जाने के लिए कह दिया।
घटना के पूरे समय एडिशनल डीसीपी सुमित केरकेटा और टीआई नीरज बिरथरे भी मौजूद थे। मैंने रुपए की कोई डिमांड नहीं की। मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उसने जानबूझकर मुझे इस मामले में घसीटा है।
एसआई मनोहर लाल ने बताया कि 20 साल से ज्यादा की नौकरी में मुझ पर किसी तरह का आरोप नहीं लगा है। थाने में लगे कैमरों में सब रिकॉर्ड है। अगर अभिषेक से मारपीट या किसी तरह ऊंची आवाज में भी बात की गई होगी, तो वह उसमें दिख जाएगा।
लूट-मारपीट जैसे गंभीर आरोप
अभिषेक पाटिल पर लूट और मारपीट जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। वह नशा करने का भी आदी है। एसीपी निधि सक्सेना ने भी मंगलवार को अभिषेक की मौत के बाद उसके कमरे में नशे और अन्य सामान पड़े होने की बात कही थी। हालांकि, एसीपी को तीन दिन में अपनी रिपोर्ट भेजना है।
किन्नर के साथ लिव-इन में रहता था अभिषेक
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, अभिषेक का परिवार द्वारकापुरी इलाके में रहता है। उसकी एक किन्नर से दोस्ती है और वह पलाश परिसर में उसके साथ लिव-इन में रहता था।
