इंदौर। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण नक्लेट कोलकाता ने मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक MD श्री अनुप कुमार सिंह के खिलाफ पारित अवमानना आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
यह मामला विद्युत आपूर्ति से संबंधित एक विवाद से जुड़ा है। NCLT, कोलकाता ने 11 दिसंबर 2025 को अनुपालन के संदर्भ में अवमानना कार्यवाही शुरू की थी और 18 मार्च 2026 को प्रबंध निदेशक के विरुद्ध अवमानना दर्ज की गई थी।मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिजीत सिन्हा (अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड) और मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से अधिवक्ता योगेश हेमानी (इंदौर) ने उपस्थिति दर्ज कराई। माननीय पीठ, जिसमें चेयरपर्सन न्यायमूर्ति अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बश्न मिश्रा शामिल थे, ने MPPKVVCL के प्रबंध निदेशक अनुप कुमार सिंह के विरुद्ध पारित अवमानना आदेश के प्रभाव पर स्टे प्रदान कर दिया।
अपीलकर्ता कंपनी का पक्ष यह रहा कि किसी प्रकार की जानबूझकर अवमानना नहीं की गई। सभी कार्यवाही विद्युत अधिनियम और मध्य प्रदेश विद्युत आपूर्ति संहिता की प्रावधानों के अनुसार की गईं। जहां स्थायी रूप से विच्छेदित कनेक्शन के लिए नई प्रक्रिया अपनाना आवश्यक होता है, वहां उचित कदम उठाए गए।
अब यह मामला माननीय अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष आगे की सुनवाई के लिए लंबित है।
मुख्य बिंदु:
NCLT, कोलकाता का मूल अवमानना आदेश (18 मार्च 2026) पर NCLAT ने रोक लगा दी।
विवाद विद्युत आपूर्ति संबंधी निर्देशों के अनुपालन से जुड़ा है।
कंपनी का दावा — कोई जानबूझकर अवमानना नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया।
मामले की अगली सुनवाई NCLAT में होगी।
यह फैसला MPPKVVCL और उसके प्रबंध निदेशक के लिए राहत की खबर है, क्योंकि अवमानना कार्यवाही पर तत्काल रोक लग गई
