
साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए। ठगों ने पेंशन कार्ड बनवाने, मोबाइल हैक करने और सस्ती बाइक दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से कुल 4.57 लाख की ठगी कर ली। तीनों मामलों में लसूड़िया पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
केस-1 : पेंशन कार्ड जारी करने के नाम पर बुजुर्ग के खाते से निकाल लिए 1.39 लाख
इधर, एक छात्रा से भी ऑनलाइन ठगी हो गई। पुलिस के मुताबिक, पूजा झमेले राजाबाग कॉलोनी में रहती हैं। 14 जून को उन्होंने सोशल मीडिया पर दोपहिया वाहन का ऑनलाइन विज्ञापन देखा, जिसमें 25 हजार में गाड़ी देने का दावा किया था। विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क किया तो आरोपी ने बुकिंग के लिए 2 हजार जमा करने को कहा। उसने बताया गाड़ी बाहर से ट्रांसपोर्ट के जरिए आएगी और डिलीवरी चार्ज नहीं लगेगा। इसके बाद आरोपी ने गाड़ी की फोटो भेजकर 11,500 रुपए ट्रांसपोर्ट चार्ज के नाम पर मांगे। फिर आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर पूजा से कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए। इस तरह करीब 1.76 लाख रुपए आरोपियों ने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब गाड़ी की डिलीवरी नहीं हुई तो पूजा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
केस-2 : मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाए 1.42 लाख रुपए
एक अन्य मामले में स्लाइस-सी सेक्टर निवासी गोपाल वाकड़े के साथ साइबर ठगी हुई। 17 जून को उनका मोबाइल बंद हो गया। मोबाइल चालू किया तो उन्हें खाते से 44 हजार रुपए निकलने का पता चला। जब वे बैंक पहुंचे तो जानकारी मिली कि उनके खाते से 98 हजार रुपए का एक और ट्रांजेक्शन किया जा चुका। इस तरह कुल 1.42 लाख की ठगी हुई। गोपाल ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की, जिसके बाद रविवार को पुलिस ने मामला दर्ज किया।
केस-3 : सोशल मीडिया पर विज्ञापन देख रही छात्रा से 1.76 लाख की ठगी
इधर, एक छात्रा से भी ऑनलाइन ठगी हो गई। पुलिस के मुताबिक, पूजा झमेले राजाबाग कॉलोनी में रहती हैं। 14 जून को उन्होंने सोशल मीडिया पर दोपहिया वाहन का ऑनलाइन विज्ञापन देखा, जिसमें 25 हजार में गाड़ी देने का दावा किया था। विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क किया तो आरोपी ने बुकिंग के लिए 2 हजार जमा करने को कहा। उसने बताया गाड़ी बाहर से ट्रांसपोर्ट के जरिए आएगी और डिलीवरी चार्ज नहीं लगेगा। इसके बाद आरोपी ने गाड़ी की फोटो भेजकर 11,500 रुपए ट्रांसपोर्ट चार्ज के नाम पर मांगे। फिर आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर पूजा से कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए। इस तरह करीब 1.76 लाख रुपए आरोपियों ने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब गाड़ी की डिलीवरी नहीं हुई तो पूजा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर ठगी से बचने रखें ये सावधानियां
किसी भी अनजान कॉल पर बैंक, पेंशन, केवायसी या सरकारी योजना के नाम पर मांगी गई बैंक डिटेल, एटीएम नंबर, सीवीवी, ओटीपी या यूपीआई पिन साझा न करें।
किसी के कहने पर मोबाइल में AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport जैसे रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड न करें। इससे आपका फोन बैंकिंग एप ठगों के नियंत्रण में जा सकते हैं।
सोशल मीडिया पर दिखने वाले सस्ते ऑफर या अविश्वसनीय विज्ञापनों पर भरोसा न करें। खरीदारी से पहले विक्रेता और वेबसाइट की जांच कर लें।
ऑनलाइन खरीदारी में अग्रिम भुगतान (Advance Payment) करने से पहले वस्तु और विक्रेता की प्रामाणिकता सुनिश्चित करें।
बैंक खाते से जुड़े एसएमएस और ट्रांजेक्शन अलर्ट नियमित रूप से जांचते रहें। कोई संदिग्ध लेनदेन दिखे तो तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें।
यदि मोबाइल अचानक बंद हो जाए, सिम काम करना बंद कर दे या बैंक खाते में संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर खाता सुरक्षित कराएं।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर जल्दी शिकायत करें
साइबर ठगी होने पर बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, रकम वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक रहती है।
