जिलाबदर होने के बावजूद शहर में घूमना एक बदमाश को महंगा पड़ा। जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन करने वाले इस बदमाश को अब तीन साल जेल में गुजारना होगा।
इंदौर। जिलाबदर होने के बावजूद शहर में घूमना एक बदमाश को महंगा पड़ा। जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन करने वाले इस बदमाश को अब तीन साल जेल में गुजारना होगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बिंदिया पाठक की कोर्ट ने आरोपित कपिल यादव को तीन वर्ष कारावास के साथ-साथ 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ज्योति तोमर ने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को परदेशीपुरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, जिलाबदर आरोपित कपिल, कुलकर्णी का भट्टा क्षेत्र में दोस्तों के साथ बैठा है। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर उसे पकड़ लिया था।
कमिश्नर कोर्ट के आदेश की अनदेखी
जांच में यह बात सामने आई कि 24 मई 2025 को ही पुलिस कमिश्नर कोर्ट ने उसे जिलाबदर करते हुए इंदौर जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया था। जिलाबदर रहते हुए वह इंदौर या इंदौर जिले से लगे जिलों में नहीं रह सकता था। बावजूद इसके वह इंदौर में घूम रहा था।
कोर्ट ने सुनाई सजा
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पृथक से केस दर्ज किया। इसी मामले में जिला न्यायालय ने कपिल को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
