जनसुनवाई के बाद जब कलेक्टर श्री शिवम वर्मा एक बैठक में शामिल होने के लिए कलेक्टर कार्यालय से निकलकर अपने वाहन की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर कुछ ऐसे आवेदकों पर पड़ी जो किसी कारणवश देरी से पहुंचे थे और जनसुनवाई में अपनी बात नहीं रख पाए थे।
कलेक्टर श्री वर्मा ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें वहीं रोक लिया। उन्होंने आवेदकों को शीतल छांव के लिए बनाई गई विशेष बैठने की व्यवस्था में बैठाया और इत्मिनान से उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने स्वयं उनके आवेदन प्राप्त किए तथा पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ उनकी शिकायतों और समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री वर्मा का यह मानवीय और जन-केंद्रित व्यवहार उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा। इस अवसर पर आवेदकों ने भी कलेक्टर की सहजता, संवेदनशीलता और आमजन के प्रति समर्पित कार्यशैली की सराहना की। यह घटना प्रशासन की जनसेवा और नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनी।
