भोजशाला की वास्तविकता जांचने आज धार पहुंचेंगे न्यायमूर्ति, MP हाई कोर्ट में दो अप्रैल को होगी सुनवाई

By Abhishek Raghuvanshi
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धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर है या मस्जिद, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला मंगलवार को खुद मौके पर जाकर इसकी जांच करेंगे।
सर्वे की रिपोर्ट भी जारी की जा चुकी है
भोजशाला को लेकर छह याचिकाएं व अपील हैं
इन सभी की सुनवाई एक साथ हो रही है
इंदौर। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर है या मस्जिद, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला मंगलवार को खुद मौके पर जाकर इसकी जांच करेंगे। वह दोपहर एक बजे धार पहुंचेंगे। भोजशाला का निरीक्षण कितनी देर चलेगा, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में धार भोजशाला को लेकर छह याचिकाएं व अपील हैं। इन सभी की सुनवाई एक साथ हो रही है।
सर्वे की रिपोर्ट भी जारी की जा चुकी है
कोर्ट के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भोजशाला में 90 दिनों से अधिक समय तक सर्वेक्षण किया था। सर्वे की रिपोर्ट भी जारी की जा चुकी है। दावा है कि सर्वे में भोजशाला के मंदिर होने के प्रमाण मिले थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाई कोर्ट इस मामले में दोबारा सुनवाई शुरू करने जा रहा है, जो दो अप्रैल से होगी।
सोमवार को न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला का कार्यक्रम जारी हो गया
पिछली सुनवाई पर हाई कोर्ट ने कहा था कि मामले में नियमित सुनवाई शुरू करने से पहले कोर्ट खुद मौके पर जाकर सर्वे की वास्तविकता जानना चाहता है। न्यायमूर्ति खुद दो अप्रैल से पहले धार पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। सोमवार को न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला का कार्यक्रम जारी हो गया।
जैन समाज ने भी दाखिल की थी याचिका
धार भोजशाला की धार्मिक संरचना को लेकर हाई कोर्ट में प्रस्तुत जैन समाज की जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। भारतीय पुरातत्व सर्वे (एएसआई) ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह सुनवाई योग्य ही नहीं है। जैन समाज की ओर से पूर्व में भी इसी तरह की याचिका प्रस्तुत हुई थी, जिसे कोर्ट निरस्त कर चुका है।
इस याचिका को भी निरस्त किया जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि आपको जो भी कहना है वह लिखित में दें। कोर्ट दो अप्रैल को तय करेगी कि इस याचिका में सुनवाई आगे जारी रखी जाए या नहीं।
दो अप्रैल को ही अन्य याचिकाओं की सुनवाई भी
भोजशाला मामले में पहले ही से चार याचिकाएं और एक अपील हाई कोर्ट के समक्ष लंबित है। युगलपीठ इन सभी में एक साथ सुनवाई कर रही है। इन सभी याचिकाओं और अपील में अगली सुनवाई दो अप्रैल को होना है।

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