
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल के कारण फैली त्रासदी का दंश झेल रहे रहवासियों को अभी और इंतजार करना होगा। क्षेत्र के 70 प्रतिशत हिस्से में नर्मदा जल की सप्लाई बहाल होने में कम से कम 20 दिन का समय और लगेगा। नगर निगम फिलहाल यहां पुरानी पाइप लाइनों को बदलने का काम कर रहा है।
इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल के कारण फैली त्रासदी का दंश झेल रहे रहवासियों को अभी और इंतजार करना होगा। क्षेत्र के 70 प्रतिशत हिस्से में नर्मदा जल की सप्लाई बहाल होने में कम से कम 20 दिन का समय और लगेगा। नगर निगम फिलहाल यहां पुरानी पाइप लाइनों को बदलने का काम कर रहा है।
निगम का दावा: 55% काम पूरा, टैंकरों पर भरोसा नहीं
नगर निगम के अनुसार, क्षेत्र में पाइप लाइन बदलने का 55 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दावा किया है कि अगले 20 दिनों में शेष लाइनें बदल दी जाएंगी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शुद्ध जल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। हालांकि, दिसंबर के अंत से अब तक 32 मौतों के बाद रहवासियों का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है। लोग टैंकर के पानी को पीने के बजाय आरओ (RO) के पानी पर निर्भर हैं। दूसरी ओर, निगम द्वारा शुरू की गई ‘जल सुनवाई’ में भी जनता की रुचि लगातार घट रही है; पहली सुनवाई में जहाँ 317 शिकायतें आई थीं, वहीं चौथी सुनवाई (3 फरवरी) में यह संख्या घटकर मात्र 77 रह गई है।
सियासी उबाल: कांग्रेस ने मांगा 1 करोड़ का मुआवजा और नौकरी
भागीरथपुरा कांड को लेकर सियासत भी गरमाई हुई है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं ने राजवाड़ा पर विशाल धरना दिया। इस प्रदर्शन में पीड़ित परिवारों को भी शामिल किया गया।
प्रमुख मांगें: कांग्रेस ने मांग की है कि मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में सरकारी नौकरी दी जाए।
चेतावनी: नेताओं ने आरोप लगाया कि रेडक्रॉस से घोषित 2 लाख की सहायता राशि भी पीड़ितों तक नहीं पहुंची है। जीतू पटवारी ने कहा कि यदि 8 दिन में मांगें नहीं मानी गईं, तो कांग्रेस ‘इंदौर बंद’ का आह्वान करेगी।
अब तक का घटनाक्रम
दिसंबर के अंत में शुरू हुई इस त्रासदी के बाद से ही कांग्रेस हमलावर है। राहुल गांधी स्वयं पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पानी के दूषित सैंपलों की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की थी। अब कांग्रेस ने पूरे शहर में पानी की गुणवत्ता की जांच का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
