
इंदौर में पुलिस ने एक महिला कपड़ा व्यापारी की शिकायत पर हाईप्रोफाइल ठग संजय कालरा को गिरफ्तार किया है। आरोपी महंगे लग्जरी कारों को किराए पर लेकर हेराफेरी करता था। आरोपी का शहर के बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ उठना-बैठना था। गिरफ्तारी के वक्त भी आरोपी डीएसपी ऑफिस में मिला।
लग्जरी कारों को अनुबंध कर उन्हें ठिकाने लगाता था
महिला कपड़ा व्यवसायी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
कमिश्नर ने टीआइ भेज डीसीपी ऑफिस से पकड़वाया
इंदौर: अन्नपूर्णा पुलिस ने हाईप्रोफाइल ठग संजय कालरा उर्फ संजय कारिरा को गिरफ्तार किया है। आईपीएस और एसपीएस को महंगे उपहार देने वाले कालरा पर लग्जरी कारों की हेराफेरी का आरोप है। आरोपित के विरुद्ध जूनी इंदौर, अन्नपूर्णा, द्वारकापुरी, राजेंद्रनगर, तुकोगंज थाने में शिकायतें दर्ज है।
टीआई अजय नायर के अनुसार केशर बाग रोड़ निवासी राधिका सोलंकी की शिकायत पर संजय कालरा उर्फ संजय कारिरा के खिलाफ कायमी की है। राधिका की राजवाड़ा पर राधिका कलेक्शन के नाम से रेडिमेड कपड़ों की दुकान है। उसका घर के समीप ही 1500 वर्ग फीट का वाशिंग सेंटर भी है।
राधिका ने पुलिस को बताया उक्त वाशिंग सेंटर परिचित वैभव जोशी को तीन साल पूर्व किराये पर दिया था। वैभव ने बगैर अनुमति लिए उक्त वाशिंग सेंटर को संजय कारिरा को किराये पर दे दिया। राधिका ने कारिरा से खाली करने का बोला तो धमकाने लगा। उसने इसी जगह से लोगों से कार लेना शुरु कर दिया। वह लग्जरी कारों को किराए पर लेता था। बाद में उन्हें औने पौने दामों पर बेच कर ठिकाने लगा देता था।
महिलाओं को धमकाया, 20 लाख मांगे
हेराफेरी में फंसे लोग जब वाशिंग सेंटर आने लगे तो राधिका ने कारिरा पर वाशिंग सेंटर खाली करने का दबाव बनाया। सोमवार करीब छह बजे राधिका और उसकी बहन कविता ने कारिरा को समझाया तो उसने धमकाया। उसने कहा कि दुकान तो उसकी हो चुकी है। उसने बड़े अफसरों के नाम से धमकाया और कहा कि दुकान की लिखापढ़ी कर दो। उपर से 20 लाख रुपये कैश भी मांगे और महिलाओं को धमकाया। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को शिकायत कर पूरी घटना बता दी।
डीसीपी ऑफिस सें गिरफ्तार हुआ आरोपी
सीपी ने जानकारी जुटाई तो पता चला कालरा पहले भी इसी तरह फर्जीवाड़ा कर चुका है। उन्होंने जोन-4 के डीसीपी आनंद कलादगी से कहा कालरा तत्काल गिरफ्तार होना चाहिए। अन्नपूर्णा टीआई अजय नायर ने राधिका के आवेदन पर केस दर्ज कर कालरा के मोबाइल की टॉवर लोकेशन निकाली तो वह एमओजी लाइन स्थित डीसीपी के ऑफिस में ही मिला। टीआई ने घेराबंदी कर आरोपित को दबोच लिया।
