इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र के एक कंस्ट्रक्शन व्यवसायी ने दहेज प्रताड़ना के मामले के तनाव में जहर खा लिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की करीब आठ महीने पहले ही शादी हुई थी। परिजनों का आरोप है कि पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए दहेज प्रताड़ना प्रकरण और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसमें शामिल किए जाने के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लसूड़िया थाना पुलिस के अनुसार राजीव राठौर (पुत्र राधेश्याम राठौर) निवासी अंबिकापुरी कॉलोनी ने 6 जुलाई की रात जहरीला पदार्थ खा लिया था। गंभीर हालत में उन्हें राजश्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई।
पारिवारिक विवाद के कारण पत्नी मायके में रहने लगी
परिजनों ने बताया कि राजीव अपने मामा मनोज के साथ कंस्ट्रक्शन का व्यवसाय करता था। उसकी शादी दिसंबर 2025 में बीमा अस्पताल के पास रहने वाली शिवानी राठौर से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पारिवारिक विवाद के चलते पत्नी मायके चली गई और उसके बाद दोनों अलग रहने लगे।
दहेज प्रताड़ना की शिकायत के बाद बढ़ा तनाव
परिजनों के मुताबिक करीब दो महीने पहले महिला थाने में शिवानी ने दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में राजीव के साथ उसकी मां, भाई और विवाहित बहनों के नाम भी शामिल किए गए थे। परिवार का आरोप है कि इसी मामले के कारण राजीव लगातार मानसिक तनाव में था और उसे अपने साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों के परेशान होने की चिंता सता रही थी।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला थाने की कार्रवाई के दौरान पूरे परिवार को प्रताड़ित किया गया, जिससे राजीव अवसाद में रहने लगा। उन्होंने पत्नी शिवानी, उसके पिता उत्तम और मां रीता पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल या मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं और दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
