जिला प्रशासन और आरटीओ की संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई अभियान चलाकर यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्री बसों की गई सघन जांच

By Abhishek Raghuvanshi
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अनियमितताएं और लापरवाही पाये जाने पर 07 बसों के फिटनेस निरस्त-पांच बसें जप्त
पांच लाख रुपये से अधिक का लगाया गया जुर्माना

यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशन में आज जिला प्रशासन और आरटीओ की संयुक्त टीम ने मुहिम चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। इस मुहिम के तहत आज अनेक यात्री बसों की आकस्मिक जांच की गई। जांच के दौरान अनिइयमितताएं और लापरवाही पाये जाने पर 7 बसों की फिटनेस ‍निरस्त किए गए। पांच बसें जप्त की गई और पांच लाख रुपये से अधिक की राशि वसूल की गई।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई एसडीएम श्री घनश्याम धनगर और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री प्रदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और आरटीओ के संयुक्त टीम ने की। मुहिम में बसों में इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकाल में सुगम निकास व्यवस्था की जांच की गई। इंदौर शहर में लोक परिवहन वाहनों, बसों, स्कूल वाहनों सहित अन्य वाहनों की लगातार चेकिंग की जा रही है। बसों में ओवरलोडिंग, अधिक किराया की भी जांच की जा रही है। लोगों को अपने वाहनों पर एचएसआरपी नम्बर प्लेट लगवाने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। वाहन की गति, स्पीड गवर्नर सहित दस्तावेज की चेकिंग की जा रही है। दस्तावेज नहीं होने, क्षमता से अधिक सवारी पाए जाने, परमिट शर्तों का उल्लंघन करने वाली बसों के साथ ही, विशेष रूप से स्कूल, कॉलेज के वाहनों की सघन जाँच की जा रही है।
इसी कड़ी में आज इंदौर आरटीओ और जिला प्रशासन ने तीन इमली चौराहा, रिंगरोड पर लोक परिवहन वाहनों खासकर स्टेज कैरिज बसों में इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकाल में सुगम निकास व्यवस्था की जांच की गई। कई बसो में फायर सेफ्टी उपकरण ख़राब या मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, इमरजेंसी एग्जिट बंद पाया गया, मेडिकल किट भी नहीं पाया गया। बसों में विभिन्न कमियां पाए जाने, परमिट शर्तों का उल्लंघन करने पर कार्यवाही की गई। इस दौरान 5 बस जब्त की गई, 7 बसों के फिटनेस निरस्त किए गए और 5 लाख रुपये से अधिक बकाया टैक्स वसूल किया गया।
इस संयुक्त कार्यवाही में जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम श्री घनश्याम धनगर, आरटीओ श्री प्रदीप शर्मा, एआरटीओ श्री राजेश गुप्ता एवं उड़नदस्ता टीम उपस्थित रही। साथ ही बसों के चालक-परिचालकों को भी समझाइश दी गई कि वे बसों में किसी भी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ का परिवहन न करें। जिस प्रकार फ्लाइट में यात्रियों को आपातकाल स्थिति में “क्या करें ,क्या न करें” की जानकारी दी जाती है उसी प्रकार बसों में भी सवारियों को जानकारी दी जाए कि कहाँ इमरजेंसी एग्जिट है, कहाँ पर कांच तोड़ने का हैमर रखा है ।

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