श्री गोविंदराम सेक्सेरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (SGSITS) इंदौर में उन्नत भारत अभियान (UBA) के अंतर्गत ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) पर आधारित बी.टेक विद्यार्थियों हेतु हैंड-होल्डिंग अभिमुखीकरण एवं सहयोग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी रूप से दक्ष विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से समग्र एवं सहभागी ग्रामीण विकास को गति देना रहा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायती राज मंत्रालय के मार्गदर्शन में ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केंद्र, राऊ के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सुधीर जैन, उप निदेशक, पंचायती राज निदेशालय, मध्य प्रदेश ने GPDP की अवधारणा, योजना निर्माण प्रक्रिया, सहभागी नियोजन, वित्तीय प्रावधानों तथा प्रभावी क्रियान्वयन रणनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “GPDP केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्राम स्वशासन को सशक्त बनाने का एक प्रभावी लोकतांत्रिक माध्यम है, जिसमें युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केंद्र, राऊ से आये अन्य प्रशिक्षकों ने भी संवादात्मक एवं व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर कार्य करने की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।
इस कार्यक्रम में लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रशिक्षण उपरांत गठित छात्र दलों को 80 गांवों में भेजा जाएगा, जहां वे ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर GPDP आधारित प्रशिक्षण सत्र एवं कार्यशालाएं आयोजित करेंगे। इससे स्थानीय शासन, सहभागी नियोजन एवं ग्रामीण विकास की प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। इस संपूर्ण पहल का वित्तपोषण पंचायती राज मंत्रालय द्वारा किया जाएगा।
कार्यक्रम की संयोजक एवं उन्नत भारत अभियान की समन्वयक प्रो. निधि ओसवाल (एसोसिएट प्रोफेसर) ने स्वागत उद्बोधन में UBA 1.0 एवं UBA 2.0 के उद्देश्यों, उपलब्धियों एवं भावी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “उन्नत भारत अभियान उच्च शिक्षण संस्थानों को समाज से जोड़ने का सशक्त माध्यम है, जहां विद्यार्थी सीखने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं।”
SGSITS में UBA गतिविधियों का समन्वय प्रो. कृष्णकांत धाकड़ एवं प्रो. निधि ओसवाल द्वारा किया जा रहा है, जिनकी इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संस्थान के निदेशक प्रो. नीतेश पुरोहित ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि “उन्नत भारत अभियान जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकलकर वास्तविक सामाजिक समस्याओं को समझने और उनके तकनीकी समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे प्रयास सतत ग्रामीण विकास एवं जमीनी स्तर के शासन को मजबूत करने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।”
