बेटे राहुल ने बताया कि वह मील में मजदूरी करते थे। अपने समय के पहलवान थे। उन्होंने कई कुश्ती में पहलवानों को हराया है और जीत हासिल की है। इसके साथ ही वह संघ से लंबे समय से जुड़े हुए थे। इसके लिए काम भी किया है। हमने कभी सोचा नहीं था कि पिता के साथ ऐसा होगा।
खूबचंद पुत्र गन्नुदास ने दम तोड़ा।
इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण होने वाली मौत का आकड़ा बढ़ते जा रहा है। दूषित पानी ने एक पहलवान की भी जान ले ली। मंगलवार को खूबचंद पुत्र गन्नुदास (75) की मौत हो गई है। उन्हें करीब 15 दिन से उल्टी-दस्त की शिकायत थी।
इसके बाद उन्हें इलाज के लिए भागीरथपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे। यहां उन्हें दवाइयां दी और फिर वापस घर भेज दिया। लेकिन उन्हें आराम नहीं पड़ा। इसके बाद दोबारा मंगलवार सुबह उन्हें इलाज के लिए केंद्र लेकर पहुंचे।
यहां पर मौजूद विशेषज्ञों ने उन्हें दवाई दी और घर पर ही आराम करने की सलाह दी। लेकिन शाम को अचानक उल्टी हुई और उनकी मौत हो गई।
बेटे राहुल ने बताया कि पिता की मौत दूषित पानी के कारण हुए उल्टी-दस्त के बाद ही हुई है। इससे पहले वह स्वस्थ थे और अपना खुद का काम भी करते थे। वह पहलवान थे, इसलिए रोजाना हाथ-पैर की मालिश भी करते थे।
कुश्ती में कई पहलवानों को हराया
बेटे राहुल ने बताया कि वह मील में मजदूरी करते थे। अपने समय के पहलवान थे। उन्होंने कई कुश्ती में पहलवानों को हराया है और जीत हासिल की है। इसके साथ ही वह संघ से लंबे समय से जुड़े हुए थे। इसके लिए काम भी किया है। हमने कभी सोचा नहीं था कि पिता के साथ ऐसा होगा।
अब जांच आयोग गठित
भागीरथपुरा दूषित जल से हुई मौत के मामले में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया गया है। यह चार सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगा। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता होंगे।
