
गणेश उत्सव के पहले दिन शहर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में फूल बंगला सजाया गया। यहां प्रतिमा का श्रृंगार स्वर्ण आभूषणों से किया गया। पांच करोड़ रुपये के गहने पहनाए गए। शुभ मुर्हूत में पूजन के बाद सुबह से ही मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए थे।
इंदौर में गणेश चतुर्थी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। घरों में शुभ मुर्हूत में गणेश स्थापना की गई। इसके अलावा सार्वजनिक गणेश उत्सव समितियों ने भी गाजे-बाजे के साथ गणपति बप्पा को पांडालों तक लाया और स्थापना की। अब शहर में दस दिन तक उत्सव की धूम रहेगी।
शहर के सरकारी होलकरकालीन गणेश भी पारंपरिक अंदाज में पालकी में सवार होकर आड़ा बाजार आए। होलकरी पगड़ी के साथ गणेश प्रतिमा वर्षों से जूनी इंदौर का खरगोनकर परिवार बनाता आ रहा है।सरकारी गणेश का विसर्जन सा़ढ़े तीन दिन के बाद किया जाता है। राजसी परिवार से जुड़े सदस्य और पुजारी पगड़ी और अंगरखा पहनकर गणेश प्रतिमा लेकर आए।
खजराना मंदिर में सजा फूल बंगला
गणेश उत्सव के पहले दिन शहर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में फूल बंगला सजाया गया। यहां प्रतिमा का श्रृंगार स्वर्ण आभूषणों से किया गया। पांच करोड़ रुपये के गहने पहनाए गए। शुभ मुर्हूत में पूजन के बाद सुबह से ही मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए थे। सुबह से मंदिर में कतार लगी रही। गणपति बप्पा को सवा लाख लड्डू का भोग लगाया गया। उसे प्रसाद के रुप में भक्तों को वितरित किया गया।
वाहनों की बुकिंग भी खूब हुई
गणेश चतुर्थी पर शहर में चार पहिया व दोपहिया वाहनों की बिक्री भी खूब हुई। लोगों ने सप्ताहभर पहले से वाहनों की बुकिंग व अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली थी और बुधवार को वे वाहनों की डिलेवरी लेने पहुंचे। शहर में बुधवार को करोड़ों रुपये के वाहन बिके।

