एयरपोर्ट पर हाउसकीपिंग का काम करने वाला युवक महालक्ष्मी नगर में बारात लेकर पहुंचा। दुल्हन की मां ने रस्म अदायगी में चांदी की अंगूठी पहनाई तो वह गुस्सा हो गया। बोला मुझे तो सोने की चाहिए। समझाने लगे तो दूल्हे, उसके परिजन ने दुल्हन के परिजन को जमकर पीटा। इतना ही नहीं, वाटिका में भोजन कर रहे लोगों का खाना उठाकर फेंक दिया। फिर बिना दुल्हन बारात वापस ले गया। घटना 28 मई की रात की अनंत वाटिका गार्डन महालक्ष्मीनगर की है। लसूड़िया टीआई तारेश सोनी के अनुसार, भगवान शेलार निवासी अन्नाभाऊ साटरे बस्ती की शिकायत पर आरोपी दूल्हे सचिन सोमनकर, उसके पिता शिवा, मां इंदुबाई, भाई रवि, मंगल, श्याम, बबलू सभी निवासी गांधीनगर के खिलाफ केस दर्ज किया है। भगवान ने बताया मैं शहनाई बजाने का काम करता हूं। मेरी 19 साल की बेटी शिवानी की शादी सचिन से तय हुई थी। एक रस्म अंगूठी पहनाने की थी।
लड़की वालों ने कहा हमने तो अपनी हैसियत से अंगूठी दी थी
हमने पहले ही सचिन को बता दिया था कि बड़े दामाद को चांदी की अंगूठी दी थी तो तुम्हे भी हमारी हैसियत के हिसाब से चांदी की अंगूठी देंगे। तब वह मान गया था। जब बारात आई और गेट पर अंगूठी की रस्म हुई तो वह भड़क गया। उसने अंगूठी और टोपी फेंक दी। उसके परिजन भी गुस्सा होने लगे। सभी मिलकर हंगामा करने लगे।खाना फेंका, मारपीट की और भाग गए : कुछ देर बाद दूल्हे के पिता सहित सभी आरोपियों ने खाने के बर्तन उठाकर फेंकने शुरू कर दिए। सभी ने हमारे पक्ष के सुमित, संतोष तामड़े, गणेश, दग्गू बाई के साथ मुक्कों व बेल्ट से मारपीट कर चोटिल कर दिया। बाद में वे शादी किए बिना भाग गए।
