द्वारकापुरी से पहले एरोड्रम इलाके में महिला से लूट:खुद को पुलिसवाला बताकर उतरवाए जेवर, रजिस्टर में इंट्री के बहाने किए गायब

By Abhishek Raghuvanshi
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पुलिस बनकर महिलाओं को खुलेआम जेवर नहीं पहनने की सलाह देने और फिर जेवर गायब करने वाले बदमाशों की तलाश में तीन थानों की पुलिस को लगा दिया गया है। इन बदमाशों ने 16 जुलाई को जैन मंदिर से लौट रही एक महिला से सोने की चेन लूट ली थी। इससे एक दिन पहले भी इसी पैटर्न पर एक घटना हुई थी। पुलिस को आशंका है कि इस घटना को भी उन्हीं बदमाशों ने अंजाम दिया है।
द्वारकापुरी इलाके में 70 वर्षीय चंदनबाला वोहरा पत्नी अभय वोहरा निवासी गुमाश्ता नगर से सोने की चेन छीनी गई थी। 15 जुलाई को एरोड्रम इलाके में सुषमा चौहान निवासी गणेश मार्ग से सोने की चेन और चूड़ियां लूटी गई हैं। दोनों घटनाओं का पैटर्न एक जैसा है।
बाइक सवार लुटेरे ने बैंक से लौटकर ऑटो का इंतजार कर रही सुषमा चौहान को निशाना बनाया। उनके पास एक लड़का आया, जिसने कहा कि सामने बाइक पर बैठे सर बुला रहे हैं। सुषमा उनसे पास पहुंची तो बाइक सवार ने खुद को पुलिसवाला बताया और कहा कि कुछ देर पहले यहां लूट हुई है। ऐसे में सोने के जेवर पहनकर मत घूमो।
रजिस्ट्रर में इंट्री के बहाने निकलवाए जेवर
महिला को यकीन दिलाने के लिए बदमाश ने महिला को बुलाने गए लड़के से भी कहा कि तुम भी अपनी चेन उतारकर दे दो। इसके बाद महिला ने सोने की चेन और चूड़ियां उताकर बैग में रख लीं। तो आरोपी ने कहा कि रजिस्टर में इंट्री करना है, मुझे दे दो। जेवर लेकर उसने हाथ से ही वजन किया और बोला कि बैग में वापस रख देता हूं।
इसके बाद बाइक सवार कालानी नगर और महिला अपने घर चली गई। बाद में महिला को शक हुआ और उसने कालानी नगर चौराहे पर बैग देखा तो जेवर गायब थे। महिला की शिकायत पर द्वारकापुरी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। सुषमा मिड डे मिल में ठेकेदारी करती हैं और वह रुपए निकालने यूनियन बैंक पहुंची थीं।
पुलिस को शंका वही बदमाश
द्वारकापुरी में बदमाशों ने महिला से चेन लूटी थी। उसके फुटेज सामने आए थे। पुलिस को शंका है कि यह वही बदमाश थे। जो एरोड्रम में वारदात करके निकले हैं। पुलिस ने आरोपियों के फुटेज पूरे जिले में भेजे हैं। इस आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
ईरानी गैंग करती है वारदात
इस तरह की वारदातें ईरानी गैंग करती है। वह पूर्व में शहर में वारदातें कर चुकी है। जिसमें नकली क्राइम ब्रांच अधिकारी या सरकारी अफसर बनकर बुजुर्ग लोगों के साथ ठगी की जाती थी। हालांकि बदमाशों की गैंग महाराष्ट्र और राजस्थान में ज्यादा सक्रिय है।

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