ऐसी भी वसूली:विजिलेंस टीम ने बिजली चोरी के नाम पर 73 हजार वसूले, और लेने आए तो पकड़ाए

By Abhishek Raghuvanshi
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बिजली कंपनी की विजिलेंस विंग के सहायक इंजीनियर और चार कर्मचारियों ने विजय नगर थाने के सामने एक होटल ए फाइव के संचालक अजय राठौर से बिजली चोरी के नाम पर 73 हजार रुपए वसूल लिए। चोरी का केस नहीं बनाने के बदले 75 हजार रुपए की डिमांड की थी। होटल मालिक ने 73 हजार रुपए दे भी दिए। मालिक को शक हुआ तो उसने बिजली का बिल सत्यसाईं जोन के सहायक इंजीनियर को भेजा और सर्चिंग की जानकारी भी दी। सहायक इंजीनियर ने जांच की तो पता चला जोन से कोई टीम सर्चिंग के लिए नहीं गई। सीसीटीवी फुटेज निकाले और जांच की तो पता चला कि विजिलेंस की ही टीम आई थी, लेकिन चोरी का केस बनाने के बजाय धमकाकर वसूली कर रही थी। इस पर पुलिस को शिकायत की गई।
शुक्रवार को होटल संचालक को दो हजार के लिए फिर फोन आया। सहायक इंजीनियर विकास सिंह ने अपने ड्राइवर मोहन को सरकारी गाड़ी लेकर बाकी के दो हजार रुपए लेने भेज दिया। होटल का स्टाफ और पुलिसकर्मी भी वहीं मौजूद थे। जैसे ही ड्राइवर आया, उसे पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक सहायक इंजीनियर विकास सिंह, मस्टरकर्मी लाइनमैन जुनैद, अंकित और मोहन अवैध वसूली करने पहुंचे थे। मौके से 73 हजार रुपए लेकर टीम चली गई। होटल मालिक ने शंका होने पर जोन से जानकारी ली। होटल का बिल नियमित रूप से भरा जा रहा था। किसी तरह की चोरी भी नहीं हो रही थी।
पहले डेढ़ लाख की मांग की – होटल मालिक ने बताया कि पहले डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई थी। खींचतान के बाद टीम 75 हजार पर लेने पर राजी हुई। होटल मालिक ने बंदोबस्त कर गुरुवार शाम को मालवा मिल चौराहा पर रिश्वत की राशि दी। शुक्रवार को विजिलेंस विंग की सरकारी गाड़ी लेकर दो हजार रुपए लेने ड्राइवर मोहन पहुंचा था। क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक होटल मालिक ने शिकायत की थी। ड्राइवर को मौके से पकड़ा गया है।

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