इंदौर में बनेगा प्रदेश का पहला ऑक्सीजन गार्डन- प्रचुर ऑक्सीजन देने वाले लगेंगे एक लाख पौधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 14 सितम्बर को लगाएंगे पौधेमंत्री श्री सिलावट ने कार्यक्रम आयोजन की तैयारियों का लिया जायजाकलेक्टर श्री वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर,
इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में प्रदेश का पहला ऑक्सीजन गार्डन बनेगा। इस गार्डन में प्रचुर ऑक्सीजन देने वाले एक लाख पौधें लगाये जायेंगे। पौधें लगाये जाने की शुरूआत 14 सितम्बर को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा की जायेगी। इस अवसर पर विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। इस कार्यक्रम की व्यापक तैयारियों प्रारंभ हो गई है। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज कार्यक्रम स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम के जन कार्य समिति के सभापति श्री राजेन्द्र राठौर, अपर आयुक्त श्री रोहित सिसोनिया, अपर कलेक्टर श्री रिंकेश वैश्य, अपर आयुक्त श्री अभय राजनगांवकर, इंदौर जनपद अध्यक्ष श्री विश्वजीत सिसोदिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को साकार करने के लिये विकसित होने वाले इस गार्डन में 14 सितम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधा रोपण करेंगे। साथ ही “एक बगिया मां के नाम” परियोजना के तहत यहां पर फलदार पौधों का भी रोपण अतिथियों द्वारा किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प पर्यावरण सुधार और हरित भारत के अंतर्गत देश में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत 141 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में यह संकल्प साकार रूप ले रहा है।
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट द्वारा इस अभियान को मूर्त रूप देने हेतु अधिकारियों के साथ बैठक भी ली गई। मंत्री श्री सिलावट ने कनाड़िया जाकर उक्त पहाड़ी का निरीक्षण कर कार्यक्रम की प्रस्ता‍वित तैयारियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र स्थित गुलमर्ग परिसर के पीछे 28 बीघा पहाड़ी क्षेत्र पर एक लाख पौधों का रोपण किया जायेगा। यह क्षेत्र हरियाली से आच्छादित होकर इंदौर का प्रमुख पर्यावरणीय केंद्र बनेगा। पूरे प्रदेश में पहली बार ऑक्सीजन गार्डन की संकल्पना साकार होगी, जो शुद्ध वायु और नागरिक स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होगी। इस परिसर (पहाड़ी) पर ऑक्सीजन उद्यान के रूप में विकसित करने हेतु कई प्रजाति के पौधे लगाये जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से नीम, पीपल, बरगद, शीशम, कदम, करंज, सिंदूर, मोरसली, कोअर्जुन, टेबोबिया, अशोक, कचनार, उंबर आदि तथा फलदार पौधों में आम, सीताफल, जामफल, जामुन, आंवला, शहतूत, कटहल, बादाम, महुआ, पारसपीपल, रेन ट्री आदि प्रजातियों का पौधारोपण किया जाएगा। इससे पर्यावरण में स्वच्छता होने के साथ-साथ पक्षियों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनेगा। जिससे विभिन्न प्रजाति के पक्षियों का आवागमन होने से यह क्षेत्र पर्यावरण के साथ-साथ पक्षी विहार एवं पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित होकर नागरिकों को आकर्षित करेगा। उक्त क्षेत्र में पौधों को पोषण एवं जीवित रखने हेतु गुलमर्ग परिसर के ट्रीटमेंट प्लांट सें पानी के लिए पाईप लाइन डालने के लिए भी निर्देशित किया।
उक्त अभियान को जन आंदोलन का रूप देकर इंदौर के प्रबुद्धजन, पद्मश्री एवं पद्मभूषण सम्मानित व्यक्तित्व, व्यापारी संगठन, समाजसेवी, धर्मगुरु, किसान संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से एवं जनभागीदारी से संपन्न होगा। यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि भावी पीढीयों को सुरक्षित एवं स्वच्छ जीवन देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

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