
इंदौर में चल रहे दो पार्षदों के विवाद के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पार्षद कमलेश कालरा से मुलाकात की। वे गुरुवार देर रात कालरा के घर पहुंचे। महापौर ने कहा कि घटना को लेकर परिवार से बात की है। घटना से परिवार पूरी तरह आहत है। वे दोषियों पर सख्त कार्रवाई चाहते हैं। महापौर ने दिलासा दिया है कि सही पक्ष संगठन के सामने रखेंगे।
मीडिया से बातचीत में महापौर बोले-
किसी के भी घर में घुसकर हमला करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस पर कठोर कार्रवाई होना चाहिए। घटना वाले और उसके अगले दिन भी मैंने पार्षद कमलेश कालरा से फोन पर बात की थी। उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
बोले- वीडियो में दिखी घटना की भयावहता
महापौर ने कहा कि वायरल वीडियो में मैंने घटना की भयावहता देखी है। ऐसा किसी के साथ नहीं होना चाहिए। पुलिस इस मामले में अब तक 6 को गिरफ्तार कर पॉक्सो एक्ट दर्ज कर चुकी है। 12 की पहचान की गई है। वीडियो में दिख रहे अन्य दोषियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगम कर्मचारियों और नेताओं के बीच कैसे करेंगे तालमेल
महापौर ने कहा एमआईसी की बैठक में अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा जा चुका है कि जनप्रतिनिधि अगर कोई बात कहे तो उसे गंभीरता से सुनें। नहीं होने जैसा काम है तो उसे शांति से मना कर दें। तालमेल न बैठने पर मुझसे बात करने को भी कहा गया है। यही अपेक्षा जनप्रतनिधियों से भी की जाती है। काम के दौरान मनमुटाव हो तो हम अभद्र भाषा का प्रयोग न करें।
शुक्रवार रात दो और आरोपी पकड़ाए, अब तक 8 गिरफ्तार
घर में घुसकर मारपीट करने वाले दो और आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार रात पकड़ लिया। जूनी इंदौर पुलिस ने दीपक उर्फ दीपू काका जोरिया निवासी शीलनाथ कैंप और नितिन अड़ागले निवासी शीलनाथ कैंप, कुलकर्णी का भट्टा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 12 आरोपियों को चिन्हित किया है। चार की तलाश अभी भी जारी है। 6 आरेापियों को कोर्ट ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। सूत्रों का कहना है कि हमला करने वालों में कई नगर निगम के मस्टरकर्मी भी हैं।
यादव समाज ने कहा- जीतू यादव नहीं जाटव
इंदौर में चल रहे पार्षदों के विवाद में यादव समाज भी कूद गया है। समाज के नाम से दो दिन से वायरल हो रहे पत्र में कहा गया है कि जीतू यादव जाटव समाज से हैं। वे गौरवशाली यादव समाज द्वारा लिखे जाने वाले सरनेम का अनाधिकृत रूप से दुरुपयोग करते हुए हैं जो बिल्कुल अनुचित और अनैतिक है। वे अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के हैं और आरक्षण का पूरा लाभ ले रहे हैं। इतना ही नहीं एससी के लिए आरक्षित वार्ड 24 से ही चुनाव लड़े हैं। यदि आगे भी ऐसा कोई युवा यादव समाज का सरनेम अनधिकृत रूप से उपयोग करेंगे तो हम कानूनी कार्रवाई करेंगे।
अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष सुभाष यादव ने कहा कि हमारी ओर से लेटरपेड पर ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। पत्र की जांच की जा रही है।
