इंदौर के द्वारकापुरी में पारदी डेरे के अंदर डेढ़ माह के बच्चे की गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसकी खून से सनी लाश घर में मिली है। घटना के समय घर पर बच्चे की मां, डेढ़ साल की बेटी और महिला की देवरानी थी। परिवार के मुताबिक, वह कुछ दिन पहले भी बच्चे का गला दबाने का प्रयास कर चुकी है। पुलिस ने बताया कि मां ने बेटे की हत्या करना कबूल किया है। एफआईआर दर्ज की जा रही है।
टीआई सुशील पटेल ने बताया कि घटना अहिरखेड़ी इलाके की है। यहां डेढ़ माह के बच्चे प्रियांश पादरी का शव गुरुवार दोपहर करीब दो बजे घर में खून से सना मिला। बच्चे की मां नेहा दौड़ते हुए बाहर कपड़े धो रही अपनी देवरानी के पास आई।
उसने चिल्लाते हुए बताया कि बच्चे को कुछ हुआ है। जब देवरानी वहां पहुंची तो बच्चे का गला कटा हुआ था। इसके बाद आसपास के लोग और परिवार को जानकारी दी। बाद में पुलिस को बुलाया गया। सूचना के बाद यहां पर एफएसएल अफसर और अन्य लोग पहुंचे।
पहले गला दबाने का प्रयास कर चुकी
टीआई पटेल के मुताबिक, हत्या का शक बच्चे की मां पर ही है। उसके हाथ में हल्का सा खून भी लगा हुआ था। परिवार के लोगों ने पूछताछ में बताया कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। वह पहले भी बच्चे का गला दबाने का प्रयास कर चुकी है।
वह अजीब सी हरकतें भी करती है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना के समय घर पर तीन ही लोग मौजूद थे, जिनमें डेढ़ साल की बच्ची, मां नेहा और देवरानी शामिल हैं। नेहा की देवरानी बाहर कपड़े धो रही थी। अभी एफएसएल टीम ने महिला के हाथों से ब्लड के सैंपल भी लिए हैं।
जम्मू में हुआ था बच्चे का जन्म
टीआई के मुताबिक परिवार डेरे में रहता है। महिला की डिलीवरी डेढ़ माह पहले जम्मू में हुई थी। इसके बाद उसे लेकर इंदौर आया गया। पति सनी से भी पुलिस ने कमरे में पूछताछ की। उसने बताया कि वह सड़कों पर दुकान लगाकर सामान बेचता है। घटना के समय वह भी घर पर नहीं था।
