मल्हारगंज पुलिस की बड़ी लापरवाही:FIR में अपराध का जिक्र नहीं, फिर भी दंपती को आरोपी बताया

By Abhishek Raghuvanshi
1 Min Read

हत्या के प्रयास के मामले में मल्हारगंज पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। जुलाई 2011 में कंडिलपुरा में सुरेंद्र नामक व्यक्ति का सुनील, उसकी प|ी अंजना व अन्य तीन के साथ विवाद हुआ। सुरेंद्र पर प्राणघातक हमला हुआ। पुलिस ने सुनील, अंजना सहित पांच के खिलाफ केस दर्ज किया। अधिवक्ता महेंद्र मौर्य के मुताबिक एफआईआर में पुलिस ने यह जिक्र नहीं किया कि दंपती ने किस तरह सुरेंद्र पर हमला किया। घटना से दो महीने पहले ही अंजना ने बेटी को जन्म दिया था। बावजूद पुलिस ने महिला पर भी हत्या के प्रयास की धारा लगा दी थी। वहीं कोर्ट को यह भी बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच संपत्ति को लेकर पुरानी रंजिश भी चल रही है। इसके चलते जबरन एफआईआर में नाम जुड़वा दिए गए। मेडिकल रिपोर्ट में भी डॉक्टर ने सुरेंद्र को साधारण चोट लगना बताया है। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद दंपती को छोड़ दिया, बाकी आरोपियों को सजा सुनाई है

Exit mobile version