पद्मश्री जनक पलटा से 23.47 लाख की धोखाधड़ी,एसबीआई अफसर पर सीबीआई में केस दर्ज

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर की समाजसेवी और पद्मश्री अवार्डी जनक पलटा के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने एसबीआई के अधिकारी पर केस दर्ज कर लिया है। मामला पांच साल पुराना है। अधिकारियों ने इस मामले को दबा दिया था। सीबीबाई ने स्‍वत: संज्ञान लेकर प्रकरण दर्ज किया है।
मोबाइल नंबर बदलकर परिचित के खाते में ट्रांसफर की राशि।
एफडी नवीनीकरण करवाने पर अफसरों ने गड़बड़ी पकड़ी।
अन्य ग्राहकों के खातों में भी हेराफेरी से ट्रांजेक्शन का शक।
इंदौर। पद्मश्री जनक पलटा के फर्जी हस्ताक्षर और मोबाइल नबंर बदल कर खाते से 23 लाख 47 हजार रुपये निकालने वाले वाले बैंक अफसर दिनेश डोंगरे पर सीबीआई ने प्रकरण दर्ज किया है।डोंगरे पर अन्य ग्राहकों के खातों में भी हेराफेरी से ट्रांजेक्शन करने का शक है। बदनामी के डर से बैंक अफसरों ने पांच साल पूर्व ही मामला दबा दिया था।
यह है पूरा केस
केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) के मुताबिक मामला भारतीय स्टेट बैंक(एसबीआई)की बिचौली मर्दाना शाखा का है।
सनावदिया(केंपल रोड़) निवासी 77 वर्षीय जनक पलटा ने स्पेशल टर्म डिपाजिट रिसिप्ट(एसटीडीआर) की थी।
वरिष्ठ सहायक दिनेश डोंगरे ने फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से 23 लाख 47 हजार रुपये निकाल लिए।उसने करीब 10 लाख रुपये पंकज जीनवाल नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए थे।
बाद में इस राशि को कैश के रुप में निकाला गया। ट्रांजेक्शन उजागर न हो इसलिए डोंगरे ने बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदल कर नए नंबर अपडेट कर लिए थे।
इसके बाद ओटीपी नंबर उसके नंबर आने लगे और वह रुपये निकालता गया। शिकायत मिलने पर बैंक अफसरों ने अंदरुनी जांच की मगर बदनामी के डर से मामला दबा दिया।
सीबीआई ने स्वत:संज्ञान लिया और बैंक अधिकारियों से आर्थिक अनियमिताओं की रिपोर्ट लेकर केस दर्ज कर लिया।
एफडी रीन्‍यू से फर्जीवाड़ा उजागर हुआ
जनक पलटा पद्मश्री अवार्डी और समाजसेवी हैं। साल 2020 में पासपोर्ट नवीनीकरण के दौरान विभाग ने बैंक की जानकारी मांगी।
जनक बैंक और पासपोर्ट कार्यालय एक ही इमारत में था। सत्यापन के दौरान वह बैंक अफसरों से मिली और एफडी रिन्यु के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
महिला अधिकारी ने रिकार्ड जांच कर आवेदन पर एफडी क्लोज लिख दिया। पलटा ने अफसरों को शिकायत कर कहा कि उन्होंने एफडी बंद नहीं करवाई है।
उससे मिलने वाले ब्याज से ही तो खर्चा चलता है।वह बैंक की वर्षों पूरानी ग्राहक है और उस पर विश्वास करती है।
तत्कालीन एएसपी मनीषा पाठक सोनी को भी शिकायत की गई। एक अफसर ने दिनेश डोंगरे की गड़बड़ी पकड़ ली।
मगर बदनामी के डर से कार्रवाई नहीं की और पलटा की नई एफडी बना दी।पलटा ने तो मामले की शिकायत नहीं की लेकिन सीबीआइ को गड़बड़ी की शिकायत मिल गई।

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