पत्रकार को औकात बताने वाले अफसर आलोक शर्मा पर जांच का शिकंजा…

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर। आजाद नगर थाना क्षेत्र में एक गरीब मजदूर की हत्या के मामले ने पुलिस विभाग की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजन थाने में कार्रवाई की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस ठेकेदार पर हत्या का शक है, उसे थाने बुलाकर चाय पिलाई गई और बिना किसी ठोस पूछताछ के छोड़ दिया गया।
जब इस मामले में पत्रकारों ने पुलिस से सवाल पूछने की कोशिश की, तो अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) आलोक शर्मा अपना आपा खो बैठे। उन्होंने एक पत्रकार से अभद्रता करते हुए कहा— “तुम क्या हो? तुम्हारी औकात क्या है?”
घटना के बाद मामला मीडिया और सोशल मीडिया पर तूल पकड़ गया। पुलिस विभाग की छवि पर उठते सवालों के बीच अब खुद पुलिस कमिश्नर ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
कमिश्नर कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, डीसीपी जोन-1 विनोद कुमार मीना को इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करने और तीन दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि जांच तथ्यों पर आधारित हो और सभी पक्षों की सुनवाई की जाए।
फिलहाल, इंदौर पुलिस महकमे में यह घटना चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है। पुलिसकर्मियों की जनता और मीडिया से संवादहीनता पर भी सवाल उठने लगे हैं। शहर के जानकारों का कहना है कि “कानून व्यवस्था संभालने वाले अफसर अगर संवाद नहीं कर पाएंगे, तो अविश्वास और बढ़ेगा।”

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