चोरल का जंगल तस्करों के राडार पर है, इसलिए यह इलाका ब्लैक जोन घोषित हो चुका है। यहां से सागवान के बेशकीमती पेड़ों को काटकर महाराष्ट्र में सप्लाय किया जा रहा है। उधर, जंगल में जहां धड़ल्ले से पेड़ कट रहे, वहां खाली जमीन को खेत बनाकर उस पर कब्जा किया जा रहा है। प्रदेश में सबसे ज्यादा कब्जे भी इसी रेंज में हो रहे हैं।
