इंदौर के राजबाड़ा पर 16 फरवरी की शाम सिटी बस के सुपरवाइजर को बाइक सवार दो बदमाशों ने चाकू मारकर लहूलुहान कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। आरोपियों ने बचने के लिए रावजी बाजार में आपस में झगड़ा किया और प्रतिबंधात्मक धाराओं में बंद हो गए। एसीपी ने उन्हें यहां से जेल भेज दिया। बदमाशों की पहचान हुई तो पुलिस ने उन्हें छूटते ही दबोच लिया। सराफा थाना इलाके में सिटी बस सुपरवाइजर धीरज पुत्र ओमप्रकाश दुबे पर बाइक सवार दो बदमाशों ने चाकू से हमला किया। पुलिस ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज देखकर बदमाशों की जानकारी निकाली। जिसमें रमन उर्फ बिची भाट, निवासी आलापुरा और कार्तिक सोलंकी, निवासी मोती तबेला के नाम सामने आए। टीआई सुरेन्द्र रघुवंशी की टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ित धीरज के पिता प्रकाश दुबे केन्द्रीय मंत्री और पूर्व सीएम शिवराजसिंह चौहान की सिक्योरिटी में सुरक्षाकर्मी के पद पर काम करते हैं।
घर पहुंचे तो पता चला जेल में हैं
सराफा पुलिस ने जब रमन और कार्तिक को पकड़ने उनके घर पर दबिश दी। यहां पता चला कि दोनों जेल में हैं। पुलिस ने जेल से जानकारी निकाली तो पता चला कि कि एसीपी ने दोनों को सड़क पर लड़ाई झगड़ा करने के चलते वारदात के अगले दिन जेल भेजा था। दोनों आरोपी धीरज पर हमला करने के बाद रावजी बाजार इलाके में पहुंचे थे। इस घटना से बचने के लिए उन्होंने महेश बुक डिपो के पास आपस में विवाद किया। वहीं से एफआरवी वेन उन्हें पकड़कर ले गई। अगले दिन उन्हें जूनी इंदौर एसीपी देवेन्द्र धुर्वे के सामने पेश किया गया। यहां से दोनों जेल चले गए।
गुंडे का रिश्तेदार, मां नगर सुरक्षा समिति की मेंबर
जानकारी के मुताबिक रमन इलाके के गुंडे लाला भाट का रिश्तेदार है। लाला पर लूट, मारपीट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। रमन की मां रावजी बाजार में नगर सुरक्षा समिति की सदस्य है। रमन का भी पुलिस को रिकार्ड मिला है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि बाइक खड़ी करने को लेकर उनका सिटी बस ड्रायवर से विवाद हुआ था। धीरज वहां बीचबचाव करने आया तो दोनों उसे चाकू मारकर भाग गए।
इस मामले में जूनी इंदौर एसीपी देवेन्द्र धुर्वे ने बताया-
रमन और कार्तिक को रावजी बाजार में विवाद के चलते पकड़ा था। उन्हें जेल भेजा गया। बाद में पता चला कि वह हत्या के प्रयास के आरोपी है। उन्हें सराफा पुलिस ने पकड़ा है।
