इंदौर में तहसीलदार सहित तीन सस्पेंड:सीमांकन और कब्जे के आवेदन के निराकरण में लापरवाही; जनसुनवाई में किसान ने पिया था एसिड

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के देपालपुर क्षेत्र में एक किसान के सीमांकन और कब्जे के आवेदन के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस संबंध में कमिश्नर दीपक सिंह और प्रभारी कलेक्टर गौरव बेनल ने संबंधित तहसीलदार सहित तीन अन्य कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
कमिश्नर दीपक सिंह ने तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार देपालपुर जगदीश रंधावा को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की है। इसी तरह प्रभारी कलेक्टर गौरव बेनल ने देपालपुर क्षेत्र में पदस्थ पटवारी अल्केश गुप्ता और तत्कालीन सहायक ग्रेड 3 रीडर देपालपुर रीना कुशवाहा को निलंबित कर विभागीय जांच करने के आदेश दिए हैं।
इसी तरह पूर्व से निलंबित राजस्व निरीक्षक नरेश विवलकर के खिलाफ विभागीय जांच करने के आदेश भी दिए गए हैं। यह कार्रवाई अपर कलेक्टर राजेंद्र रघुवंशी द्वारा की गई जांच में संबंधित तहसीलदार और कर्मचारियों की लापरवाही पाई जाने पर की गई है।
यह था मामला
देपालपुर के लिलेंडीपुरा निवासी किसान करणसिंह (65) ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एसिड पी लिया था। इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। दरअसल, किसान ने जिन लोगों के खिलाफ शिकायत की थी, उनमें इमरान पिता नवाब, नवाब पिता घिसा, मांगू सरपंच ताकि खां और अकिरम पिता सूरमा शामिल थे। उनका आरोप था कि इन लोगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। करणसिंह इस बात से आहत थे कि नपती (सीमांकन) के बाद भी अधिकारियों ने उन्हें कब्जा नहीं दिलवाया। वे लंबे समय से इसके लिए चक्कर काट रहे थे और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की थी, लेकिन उसका निराकरण नहीं हुआ।
अफसोस यह कि करणसिंह की मौत के बाद बुधवार को जिला प्रशासन ने अग्रिम कब्जा दिलवा दिया लेकिन सुनवाई जारी रखी। इसके साथ ही प्रभारी कलेक्टर गौरव बैनल ने मामले की फैक्ट फाइंडिंग के लिए एडीएम राजेंद्र रघुवंशी को जांच सौंपी।
एडीएम रघुवंशी ने पूरे मामले की मैदानी और दस्तावेजी तस्दीक की। इसके साथ ही मौके की स्थिति को जाना। फिर गुरुवार को प्रभारी कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपी। इसके बा

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