इंदौर में चैंबर ने ली महिला की जान…मेंटेनेंस पर खर्च हो रहे 22 करोड़ रुपये, फिर भी बदहला

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर में चैंबरों की बदहाली के कारण एक महिला की जान चली गई। नगर निगम हर वर्ष 22 करोड़ रुपये चैंबरों के रखरखाव पर खर्च करता है, लेकिन वे अभी भी बदहाल हैं। कहीं ढक्कन टूटे-फूटे हैं तो कहीं जरूरत से ज्यादा ऊंचे बना दिए गए हैं। नगर निगम अब एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
सड़क के चैंबर के गैप में चला गया था बाइक का पहिया।
बाइक पर पीछे बैठी महिला नीचे गिरी और सिर में चोट लगी।
अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इंदौर। चैंबरों के रखरखाव के नाम पर नगर निगम हर वर्ष 22 करोड़ रुपये खर्च करता है, बावजूद वे बदहाल हैं। कहीं ढक्कन टूटे-फूटे हैं तो कहीं जरूरत से ज्यादा ऊंचे बना दिए गए। हाल ही में हुई महिला की मौत के बाद नगर निगम शहर के चैंबरों के आडिट की बात कर रहा है।
बताया जा रहा है कि जांच इस बात की होगी कि जिन एजेंसियों के पास चैंबरों के रखरखाव की जिम्मेदारी है, वे अपना काम सही तरीके से कर रही हैं या नहीं। सवाल यह भी है कि करोड़ों रुपये रखरखाव के नाम पर खर्च करने वाले नगर निगम ने अब तक एजेंसियों के कामकाज पर निगरानी की कोई व्यवस्था क्यों नहीं की थी।
चैंबरों के सुधार का अभियान शुरू
इधर चैंबर की वजह से हुई महिला की मौत के बाद अब निगम ने चैंबरों के सुधार का अभियान भी शुरू कर दिया है। शनिवार को सेंट पाल स्कूल के पास सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी। महिला पति के साथ बाइक पर जा रही थी।
अचानक चैंबर सामने आने से बाइक चैंबर की गैप में उतर गई और महिला सड़क पर गिर पड़ी। वह बेहोश हो गई थी। उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे से एक बार फिर चैंबरों की स्थिति की सचाई सबके सामने आ गई।
नगर निगम के जिम्मेदारों का कहना है कि चैंबरों के रखरखाव के लिए वार्ड व जोनवार एजेंसियां तय हैं। शिकायत मिलने पर ये एजेंसियां सुधार करती हैं। नईदुनिया की टीम ने रविवार को सड़क पर उतरकर वास्तविकता जांची तो पता चला कि सैकडों चैंबर हैं, जो बदहाल हैं। न जनप्रतिनिधि इनकी सुध ले रहे हैं न वह एजेंसी।
एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे
चैंबरों के रखरखाव की निगरानी की व्यवस्था करेंगे। इसके लिए बहुत जल्दी जीओ टैगिंग लागू की जाएगी। काम में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। चैंबर की शिकायत मिलने पर एजेंसी को कार्रवाई करना होती है, अगर वह ऐसा नहीं कर रही है तो हम कार्रवाई करेंगे। – अभिषेक शर्मा, जनकार्य समिति प्रभारी

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