
शहर में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 18 वर्षीय अर्जून की जन्मदिन से एक दिन पहले सीने में दर्द के बाद अचानक मौत हो गई। वह स्वस्थ, होशियार और नशा नहीं करता था। घटना से परिवार सदमे में है। अब युवाओं में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है।
18 वर्षीय अर्जून की हार्ट अटैक से मौत हुई।
जन्मदिन से एक दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ी।
अर्जून धूम्रपान नहीं करता और पूरी तरह स्वस्थ था।
इंदौर। शहर में हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पहले बुजुर्गों में यह समस्या देखने को मिलती थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। जन्मदिन के एक दिन पहले 18 वर्षीय युवक के सीने में दर्द उठने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। द्वारकापुरी पुलिस ने बताया कि अर्जून पुत्र मनोहर पटेल की हार्ट अटैक से मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया है।
रात को अचानक बिगड़ी तबीयत
परिजन ने जानकारी दी कि अर्जून की मां सब्जी का ठेला लगाती है। अर्जून भी उनके साथ काम में हाथ बंटाता था। शाम को काम के बाद घर पहुंचा। अष्टमी की पूजा की और खाना खाकर सोने के लिए चले गया।
देर रात साढ़े तीन बजे उसकी तबीयत बिगड़ी, सीने में अचानक तेज दर्द उठा और घबराहट होने लगी। उसके बाद हम उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उससे पहले ही मौत हो चुकी थी। तिथी के हिसाब से रामनवमी के दिन उसका जन्मदिन था।
बृजमोहन पटेल ने बताया कि परिवार मूलरूप से पन्ना का रहने वाला है। घटना के समय पिता पन्ना में ही थे। उसे पहले से किसी प्रकार की बीमारी नहीं थी। पढ़ाई में भी वह काफी होशियार था। इसके अलावा वह धूम्रपान भी नहीं करता था। वह एकलौता बेटा था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है।
युवाओं में हार्ट अटैक के यह मामले, जिन्होंने शहर को चौंकाया
यह पहली बार नहीं है जब हार्ट अटैक से युवा की मौत हुई है। इससे पहले भी शहर में कई ऐसे मामले हो चुके हैं, जिन्होंने शहर को चौंका दिया है।
2 अप्रैल को पूर्व आईएएस के बेटे तन्मय भट्ट(38) की हार्ट अटैक से मौत हुई थी। दोपहर में उसे घबराहट हुई, इसके बाद उसे बांबे अस्पताल लेकर पहुंचे। हालाकि इंदौर की बिगड़ी यातायत व्यवस्था के कारण वह जाम में पहुंच गए थे। इसके कारण भी अस्पताल पहुंचने में देरी हुई थी।
25 फरवरी 2025 को खंडवा नाका में रहने वाली 26 वर्षीय सुलभा गुप्ता की हार्ट अटैक से मौत हुई थी। वह राजबाड़ा जा रही थी, तभी रात्से में सीने में दर्द के बाद वह नीचे गिर गई थी।
जुलाई 2024 को बड़वानी से बीएड की परीक्षा देने आए 29 वर्षीय संदीप पुत्र मानसिंह की मौत हुई थी। युवक के सीने में अचानक दर्द उठा था, जिसके बाद परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे। लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
फरवरी 2024 में एरोड्रम थाना क्षेत्र में जगदीश (32) पुत्र मांगीलाल सरेल, पत्नी भूमिका के साथ घर के बाहर टहल रहा था। तभी अचानक सीने में दर्द उठा और वह नीचे गिर गया। परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित किया था।
सीने के दर्द को ना करें नजरअंदाज
ह्रदय रोग विशेषज्ञ डा. मनीष पोरवाल ने बताया कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक के आने के दो-तीन कारण होते हैं। युवा अब स्मोकिंग अधिक करने लगे हैं। स्मोकिंग करने से खून गाढ़ा हो जाता है, इससे नसों में क्लोटिंग हो जाती है। युवावस्था में जो स्मोकिंग करते हैं, उन्हें ब्लाकेज नहीं रहते हैं।
खून गाढ़ा होने के कारण, खून का थक्का बन जाता है, इससे हार्ट की प्रमुख नस जाम हो जाती है। कुछ समय के लिए खून रूक जाता है और मेजर अटैक आ जाता है। मेजर अटैक आने के बाद कई बार समय पर अस्पताल लेकर नहीं जा पाते हैं। कई लोग यह सोचते हैं कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक आ नहीं सकता है।
