इंदौर के श्रीगफ्फारखान पिछले चालीस साल से बॉलीवुड में सक्रिय गफ्फार भाई तकरीबन चार सौ से ज्यादा फिल्मों, धारावाहिकों और वेबसीरीज में काम कर चुके है।

By Abhishek Raghuvanshi
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घरकाजोगी…

पुरानी कहावत है कि “घर का जोगी जोगड़ा, आन देस का सिद्ध”
हमारे शहर की ऐसी कई प्रतिभाएं है जो विभिन्न क्षेत्रों में ना सिर्फ अपना नाम कमा रही है बल्कि इंदौर को भी पहचान दिला रही है। उन्हें मलाल इस बात का होता है कि लोकल होने के कारण नजरअंदाज कर दिया जाता है, ऐसे ही कलाकारों में एक नाम शुमार है #श्रीगफ्फारखान का पिछले चालीस साल से बॉलीवुड में सक्रिय गफ्फार भाई तकरीबन चार सौ से ज्यादा फिल्मों, धारावाहिकों और वेबसीरीज में काम कर चुके है।
दूरदर्शन पर प्रसारित रामायण में कुंभकरण का चर्चित रोल निभाने वाले गफ्फार भाई निर्माता निर्देशक मोती सागर जी के बहुत अहसानमंद है, वे बताते है कि इस रोल के ऑडिशन के वक्त मोती साहब ने कहा था कि ये कहानी राम चरित्र मानस का हिस्सा है आप मुस्लिम हो ओर आपको हिन्दू धर्म का ज्ञान भी नहीं…
तब मेने उनसे कहा था में कलाकार हूं, हिंदुस्तानी हूं और इंदौर का हूं आप भरोसा रखे।
गफ्फार भाई मोती सागर जी के भरोसे पर इतने खरे उतरे कि लोग प्यार से उन्हें कुंभकरण ही कहने लगे है।
इंदौर के खजराना में रहने वाले गफ्फार भाई हमारे मित्र #चेतन_मोहनवानी जी के साथ प्रेस क्लब पधारे थे, आत्मीय बातचीत के बीच उनकी एक पीड़ा भी उजागर हो गई
उन्होंने बताया कि एक बड़े अखबार के रिपोर्टर ने उनका इंटरव्यू किया, अखबार के संपादक ने ये कहकर खारिज कर दिया कि ये कलाकार तो लोकल है…
उनकी ये पीड़ा जायज भी हम बाहरी लोगों की आभा में अपनो की चमक को नजरअंदाज कर देते है।
इस मौके पर प्रेस क्लब उपाध्यक्ष संजय त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष मुकेश तिवारी, कार्यकारणी सदस्य प्रमोद दीक्षित, श्याम कामले, विजय भट्ट, पूनम शर्मा वरिष्ठ पत्रकार शैलेष पाठक, डॉ अर्पण जैन, सुधाकर सिंह, लक्ष्मीकांत पंडित, राजेंद्र कोपरगांवकर, प्रदीप जोशी (समय जगत) शिक्षाविद गिरधर नागर, राजकुमार वर्मा, नितिन सोलंकी सहित अनेक साथी मौजूद थे।

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