स्वॉब टेस्ट कराने के लिए जिला अस्पताल व एमवाय के बीच भटकता रहा बच्चा…आखिर, 17 घंटे बाद हुआ
इंदौर में 13 साल के एक बच्चे से कुकर्म का मामला सामने आया है। हैरानी की बात ये है कि मेडिकल जांच के लिए बच्चे काे 17 घंटे तक अस्पतालों के बीच भटकाया गया।
घटना अन्नपूर्णा इलाके की है। गुरुवार शाम 5 बजे 17 व 16 साल के दो किशोरों ने सरकारी स्कूल परिसर में 13 साल के बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया। तब बच्चा वहां खेल रहा था। बच्चे ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना के बारे में बताया। परिजन उसे अन्नपूर्णा थाने ले गए।
अन्नपूर्णा थाना टीआई अजय नायर ने केस करने के साथ ही उसे मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा। वहां ड्यूटी डॉक्टरों ने कहा कि स्वॉब टेस्ट की सुविधा नहीं है। इसके बाद रात 9 बजे बच्चे को एमवाय अस्पताल ले जाया गया। वहां सीएमएचओ, ड्यूटी डॉक्टर और पेडियाट्रिक विभाग के बीच बच्चा भटकता रहा।
बाद में उसे सुबह आने को कहा। शुक्रवार सुबह 11:30 बजे टेस्ट हुआ, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। एमवाय अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने कहा कि इस मामले में सीएचएमओ और ड्यूटी डॉक्टर से जवाब मांगा है।
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि स्वॉब टेस्ट कुछ घंटों के भीतर ही सटीक परिणाम देता है। बच्चा अगर कुछ खा-पी ले या टेस्ट में देरी हाे तो अपराध की पुष्टि नहीं होती है।
