आरक्षक के आत्महत्या मामले में ASI दोषी, सजा में डिमोशन देकर बनाया सिपाही

By Abhishek Raghuvanshi
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सिपाही मुकेश लोधी की आत्महत्या मामले में गार्ड प्रभारी एएसआई सुभाषचंद्र वर्मा को गंभीर लापरवाही का दोषी पाते हुए एडिशनल सीपी ने दो रैंक घटाकर सिपाही बना दिया। यह पहली बार है जब एक साथ दो पदों की पदावनति हुई है। प्रधान आरक्षक मनोज सिसोदिया की एक वेतनवृद्धि भी रोकी गई।
सिपाही मुकेश लोधी आत्महत्या मामले में ASI दोषी
सजा देकर एएसआई को बनाया 5 साल के लिए सिपाही
प्रधान आरक्षक मनोज सिसोदिया की एक वेतनवृद्धि रोकी
इंदौर: सिपाही मुकेश लोधी की आत्महत्या के मामले में एएसआइ सुभाषचंद्र वर्मा (गार्ड प्रभारी) की लापरवाही मिली है। एडिशनल सीपी आरकेसिंह ने एएसआई को पदावनत कर सिपाही बना दिया है। एक साथ दो रैंक नीचे पदनावत की पहली सजा है। मामले में एक प्रधान आरक्षक मनोज सिसोदिया को भी वेतनवृद्धि कम करने की सजा दी गई है।
यह है पूरा मामला
एडिशनल सीपी(मुख्यालय) आरके सिंह के मुताबिक आरक्षक मुकेश लोधी ने पिछले वर्ष 22 दिसंबर को सपना संगीता स्थित यूनियन बैंक के गार्ड रूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की एडिशनल डीसीपी(मुख्यालय) सीमा अलावा से जांच करवाई गई थी। एएसआई सुभाषचंद्र वर्मा गार्ड प्रभारी था। उसने प्रधान आरक्षक मनोज सिसोदिया, आरक्षक रवि पांडे, उमराव चौहान और मुकेश लोधी को रवाना किया था।
21 दिसंबर को ड्यूटी बदली और रवि पांडे सुबह 8 से दोपहर 2 बजे, मनोज सिसोदिया दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक ड्यूटी की। रात 2 बजे से 22 दिसंबर की सुबह 8 बजे तक आरक्षक मुकेश की ड्यूटी थी। कथनों में पता चला आरक्षक उमराव तबियत खराब होने का बोलकर घर चला गया। सुबह 9 बजे आरक्षक रवि पहुंंचा तो मुकेश मृत अवस्था में मिला।
प्रधान आरक्षक मनोज सिसोदिया ने बचाव में कहा एएसआई सुभाष ने ड्यूटी बदल दी थी। विस्तृत रिपोर्ट मिलने पर एडिशनल सीपी ने एएसआई सुभाष को पदावनत करते हुए पांच साल के लिए सिपाही बना दिया। जबकि प्रधान आरक्षक मनोज को एक वेतनवृद्ध संचयी रुप से कम की जाने की सजा दी है।

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