8 साल के बच्चे का धर्मांतरण, 10-10 साल की जेल:बॉयफ्रेंड ने करा दिया था खतना; पत्नी सहित तीन को सजा

By Abhishek Raghuvanshi
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देशभर में चर्चित रहे 8 साल के मासूम का जबरन धर्म परिवर्तन और खतना करने के मामले में इंदौर कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुना दिया। कोर्ट ने पत्नी सहित तीन आरोपियों को 10-10 साल की सजा और 5-5 हजार का अर्थदंड लगाया है। बाड़मेर निवासी अनाज व्यापारी की पत्नी रतलाम में उसे बस में छोड़कर भाग गई थी। वह अपने साथ आठ साल के बेटे को भी ले गई थी।
जांच के बाद पुलिस ने पत्नी प्रार्थना शिवहरे (27), उसके बॉय फ्रेंड इलियास एहमद (33 वर्ष) निवासी खजराना और मोहम्मद जफर अली, (37 वर्ष) निवासी शाजापुर को धारा 420, 467, 468,471 व धारा 5 धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 के तहत खजराना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो साल कोर्ट में चले केस के बाद बुधवार को नवम अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कुशवाह ने इस मामले में फैसला सुनाया।
खबर में आगे बढ़ने से पहले पूरा मामला जान लीजिए
दो साल पहले जुलाई 2023 में 8 साल के अपने बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन कराने और उसका खतना कराने को लेकर पिता महेश नाहटा निवासी बाड़मेर (राजस्थान) ने खजराना थाने में इलियास कुरैशी निवासी रजा कॉलोनी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने बच्चे की मां प्रार्थना को भी साजिश रचने के तहत आरोपी बनाया।
बच्चे का नाम बदलकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी बनवाया गया। ये काम बच्चे की मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर किया। बच्चे के पिता ने आरोप लगाया कि बेटा जैन है, उसे जिहादी मानसिकता की शिक्षा दी जा रही थी।
घर से लौटते वक्त बस से लापता हो गए थे मां-बेटे
बच्चे के पिता और अनाज व्यापारी महेश नाहटा ने पुलिस को बताया कि, वह राजस्थान के बाड़मेर का रहने वाला है। जून 2014 में उसकी शादी शाजापुर निवासी युवती से हुई थी। 2015 में उनके यहां बेटा हुआ। 25 फरवरी 2018 को वह पत्नी और बेटे के साथ शाजापुर आया था। यहां एक सगाई अटैंड कर अपने गांव सिवाना लौट रहे थे, तभी पत्नी और बेटा रतलाम के आगे सालाखेड़ी में बस से लापता हो गए। दोनों की गुमशुदगी रतलाम थाने में ही दर्ज करा दी थी।
जांच के दौरान पता चला कि पत्नी इंदौर के रहने वाले इलियास कुरैशी के साथ भाग गई है। पुलिस ने इलियास को रतलाम से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। जेल से छूटने के बाद इलियास ने फिर पत्नी से संपर्क किया और उसे अपने पास बुला लिया।
बेटे को जबरदस्ती ले गई पत्नी, पिता का नाम बदलवाया
बच्चे के पिता ने बताया- मैंने बेटे को अपने साथ ही रखने की बात कही, लेकिन पत्नी नहीं मानी। मैं उन्हें ढूंढता रहा। इसी दौरान मालूम हुआ कि पत्नी खजराना की रजा कॉलोनी में इलियास के साथ रह रही है। यहां उसने मेरे बेटे का खतना करा दिया है। इलियास ने खुद को बच्चे का पिता बताकर नाम और जन्म प्रमाण पत्र भी बदलवा दिए। जबरन मजहबी स्कूल में एडमिशन करा दिया। इसके बाद पुलिस में शिकायत की।
शाजापुर कोर्ट में बेटे की अभिरक्षा को लेकर आवेदन दिया। उसका एक और रिश्तेदार सईद हाफिज अहमद भी पीएफआई का सक्रिय सदस्य है। सरफराज और सईद हाफिज दोनों ही पीएफआई से नजदीकी संबंध होने के चलते जेल भी जा चुके हैं।
पीड़ित पिता महेश नाहटा का आरोप है कि इलियास के साथ और भी कई लोग हैं जो हिंदू लड़कियों और महिलाओं के साथ उनके बच्चों का भी जबरन धर्मांतरण किया जा रहा है। नाहटा ने कहा कि 20 दिन पहले जब मैंने इलियास की शिकायत खजराना थाने में की तो मुझे धमकी भरे कई कॉल आए। पर मैं किसी से नहीं डरा।
फिर एक दिन इलियास ने मुझे मोबाइल पर कॉल किया। मुझे धमकी देते हुए कहा कि पत्नी और बेटे को सही सलामत चाहते हो तो पांच लाख रुपए दे दो और दोनों को ले जाओ। मैंने डेढ़ लाख रुपए देने की बात कही तो इलियास तैयार भी हो गया। पर उसके बाद उसने मुझे कोई कॉल नहीं किया। इस फोन के बाद मैंने बाड़मेर के सिवान थाने में इलियास के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी। इतना ही नहीं कुछ दिन बाद मैंने शाजापुर कोर्ट में प्रार्थना के खिलाफ तलाक की अर्जी भी दे दी।
कैलाश विजयवर्गीय ने किया था ट्वीट- आरोपी पर रासुका लगाएं
बच्चे के जबरदस्ती धर्मांतरण और खतना की खबर देशभर में फैल गई। तब ट्वीटर पर ट्रेंड कर चुके इस मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट किया कि शाजापुर में रहने वाले इलियास कुरैशी ने रतलाम से जैन समाज की महिला और उसके बेटे का अपहरण कर, बेटे का खतना कराने के साथ ही उसके फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया है। ये अत्यंत चिंताजनक है।
कोर्ट ने सुनाया यह फैसला
आरोपी इलियास एहमद, प्रार्थना शिवहरे, मोहम्मद जफर अली को धारा 467 एवं 471 में 10-10 साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपए का अर्थदंड, धारा 5 धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 में 7 साल का सश्रम कारावास सहित 50 हजार रुपए का अर्थदंड, धारा 420 व 468 में 5-5 साल का सश्रम कारावास व 5-5 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। पीड़ित की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुरेंद्रसिंह वास्केल ने की।

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