
पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन दूसरे चरण में शुरू हो गया है। पहले चरण के बाद मशीन को ठंडा करने में 20 घंटे का समय लगा। इसके बाद मशीन की सफाई और संधारण की प्रक्रिया पूरी की गई। अब आज दोपहर के बाद कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
अभी पहले चरण में 28 फरवरी से 135 किग्रा प्रतिघंटे की दर से 74 घंटे में जलाया कचरा।
अब यहां दूसरे चरण में 180 किग्रा प्रतिघंटे की दर से 55 घंटे में कचरा जलाया जाएगा।
तीसरा चरण 10 मार्च से शुरू होगा। इसमें 270 किग्रा प्रतिघंटे की दर से कचरा जलेगा।
महू-पीथमपुर। पीथमपुर स्थित रि-सस्टेनेबिलिटी कंपनी (पूर्व में रामकी) में मंगलवार को कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। सोमवार से मंगलवार तक करीब 20 घंटे में मशीन ठंडी हुई। इसके बाद मशीन की सफाई और संधारण की प्रक्रिया देर रात तक चलती रही। इसके बाद पहले चरण की तरह मशीन को रातभर डीजल पर खाली चलाकर तापमान 800 से 850 डिग्री तक पहुंचाया जाएगा। इके चलते बुधवार दोपहर के बाद कचरे को जलाने के लिए मशीन में डाला जाएगा। इस बार 180 किग्रा प्रति घंटे की दर से 55 घंटे में 10 टन कचरा जलाया जाएगा।
ट्रायल के रूप में कचरा जलना शुरू हुआ
हाई कोर्ट के निर्देशानुसार भोपाल में 40 वर्षों से पड़े यूनियन कार्बाइड कचरे के निष्पादन के लिए ट्रायल के रूप में कचरा जलना शुरू हो चुका है। पहले चरण के लिए 27 फरवरी रात्रि 10 बजे से 28 फरवरी दोपहर तीन बजे तक 17 घंटे मशीन को खाली चलाकर तापमान 800-850 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचाया था और फिर कचरा डालना शुरू किया।
तीन मार्च शाम 5.05 बजे आखिरी खेप डाली गई और 5.15 बजे तक करीब 74 घंटों में 10 टन कचरा जलाया गया। इसमें 135 किग्रा प्रतिघंटे की दर से कचरा जलाया गया था। न्यायालय के निर्देशानुसार चार मार्च मंगलवार से दूसरा चरण की प्रक्रिया शुरू की गई।
तापमान कम कर बंद किया गया
सोमवार शाम 5 बजे तक पहले चरण कचरा जलाने के बाद धीरे-धीरे तापमान कम कर मशीन को बंद किया गया था। मशीन को पूरी तरह ठंडा होने में 20 घंटे का समय लगा। मंगलवार दोपहर को मशीन के ठंडा होने के बाद उसकी सफाई और संधारण का कार्य शुरू किया गया। यह कार्य देर रात तक चला।
दोपहर बाद जलना शुरू होगा कचरा
पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी मशीन को 800-850 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचाया जाएगा। इसमें भी करीब 17 घंटे का समय लग सकता है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इंदौर क्षेत्राधिकारी एसएन द्विवेदी ने बताया कि प्रोटोकाल के अनुसार मशीन की सफाई और संधारण की प्रक्रिया देर शाम तक की गई। इसके बाद मशीन को निर्धारित तापमान तक पहुंचाने के लिए खाली चलाया जाएगा। संभवत: बुधवार दोपहर के बाद मशीन में कचरा डाला शुरू किया जाएगा।
