
हत्या के एक मामले में हाई कोर्ट ने जिला एवं सत्र न्यायालय को प्रकरण की सुनवाई चार महीने में पूरी करने के आदेश दिए हैं। अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार रघुवंशी ने हाई कोर्ट आदेश के तहत मामले की तारीखें जल्दी लगाना शुरू कर दी हैं। इस मामले में निजी मोबाइल कंपनी के दो कर्मचारी और हातोद के तत्कालीन थाना प्रभारी अनिल यादव के बयान होना बाकी हैं, लेकिन तीनों ही गवाह कोर्ट के समक्ष हाजिर नहीं हो रहे। हद यह है कि अपर सत्र न्यायालय ने तीन बार थाना प्रभारी का गिरफ्तारी वारंट जारी किया, लेकिन वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को इस संबंध में पत्र लिखा, लेकिन टीआई नहीं आए। आखिर में शुक्रवार को न्यायालय ने टीआई का गिरफ्तारी वारंट जारी किया और पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि वह इस वारंट को तामील कराएं। अधिवक्ता महेंद्र मौर्य के मुताबिक तीन साल पहले एक व्यक्ति की हत्या हुई थी।
पुलिस ने मृतक की प|ी और दोस्त को आरोपी बनाया था। आरोपियों के द्वारा हाई कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दायर की थी जिसे खारिज कर दिया। दूसरी बार अर्जी दायर की तो हाई कोर्ट ने मामले का निराकरण चार महीने में किए जाने के आदेश दिए थे। मोबाइल कंपनी के कर्मचारियों को काल डिटेल के संबंध में बयान देना है, जबकि थाना प्रभारी रहे यादव के बयान मुख्य गवाह के रूप में होना है।
