पेरू के एयरपोर्ट पर मिले कथित एलियन के कंकाल असल में इंसानों और जानवरों के अंगों से बनी डॉल हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, पेरू की राजधानी लिमा में शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई विशेषज्ञों ने यह दावा किया है। उन्होंने कहा है कि ये शव किसी बाहरी दुनिया के नहीं बल्कि जानवरों की हड्डियों से बने हैं। इन्हें सिंथेटिक गोंद की मदद से चिपकाया गया है।
पेरू इंस्टीट्यूट फॉर लीगल मेडिसिन एंड फॉरेंसिक साइंस के प्रोफेसर फ्लावियो एस्ट्राडा ने कहा- कंकालों के एलियन होने की बात सिर्फ एक कहानी है। कंकालों के तीन उंगली वाले हाथ की भी जांच की गई है। इसकी हड्डियां पेरू के ही नाज्का क्षेत्र से ली गई हैं। पिछले साल सितंबर में मेक्सिको की संसद में भी कुछ कंकाल दिखाए गए थे। इस दौरान इनके एलियन होने का दावा किया गया था।
पेरू के एयरपोर्ट पर कार्डबोर्ड बॉक्स में मिले थे कंकाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने इन दोनों मामलों में कनेक्शन को लेकर फिलहाल कुछ नहीं कहा है। हालांकि, मेक्सिको की संसद में दिखाए गई ममीज के भी एलियन नहीं होने की बात कही गई थी। दरअसल, पिछले साल अक्टूबर में पेरू के एयरपोर्ट के कोरियर डिपार्टमेंट में एक कार्डबोर्ड बॉक्स के अंदर 2 कंकाल मिले थे।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में इनके एलियन होने का दावा किया गया था। इनमें से एक कंकाल ने पारंपरिक परिधान पहन रखा था। वहीं सितंबर में मेक्सिको की संसद में भी कथित एलियन के शव दिखाए गए थे। मेक्सिकन जर्नलिस्ट और यूफोलॉजिस्ट जेम मोसान ने दावा किया था कि इन कंकालों का इंसान के इवोल्यूशन से कोई कनेक्शन नहीं है।
पहली बार मेक्सिको की संसद में दिखाई गई थी एलियन ममी
मेक्सिको की संसद में पहली बार एलियन की ममी पेश करते हुए मोसान ने कहा था- ये शव पेरू की एक खदान से मिले थे, जो करीब 1 हजार साल पुराने हैं। मोसान के मुताबिक ये दुनिया के इतिहास में अब तक की सबसे अहम खोजों में से एक है। इसके बाद इन शवों का लैब टेस्ट हुआ था।
इसकी रिपोर्ट में कहा गया था कि कथित एलियन ममी को अलग-अलग हड्डियों से जोड़कर नहीं बनाया गया है। ये पूरा एक ही कंकाल है। टेस्ट में एलियन के कंकाल से छेड़छाड़ या जोड़-तोड़ के भी कोई सबूत नहीं मिले थे। साथ ही यह भी कहा गया था कि इन शवों का इंसानों से कोई कनेक्शन नहीं है।
अमेरिका पर एलियन्स की जानकारी छिपाने का आरोप
वहीं पिछले साल जुलाई में अमेरिकी संसद में भी एलियन्स को लेकर चर्चा हुई थी। इस दौरान US नेवी के पूर्व इंटेलिजेंस ऑफिसर रिटायर्ड मेजर डेविड ग्रश ने दावा किया था कि अमेरिका कई सालों से UFO और एलियन्स से जुड़ी जानकारियां छिपा रहा है। उन्होंने ये भी कहा था कि अमेरिका इन UFO’s की रिवर्स इंजीनियरिंग पर काम कर रहा है।
द गार्जियन के मुताबिक, मेजर ग्रश 2022 के आखिर तक अमेरिका की डिफेंस एजेंसी के लिए UAP (UFO से जुड़ी संदिग्ध घटनाएं) पर एनालिसिस कर रहे थे। सुनवाई में उन्होंने बताया था कि सरकार को एलियन मिले थे और वो उनके स्पेसक्राफ्ट पर सीक्रेट रिसर्च कर रही है।
अमेरिका ने UFO दिखने की बात स्वीकारी थी
- 2020 में UFO की जांच के लिए बनाई गई अमेरिकी टास्क फोर्स ने एक रिपोर्ट जारी की थी। 9 पेज की इस रिपोर्ट में अमेरिकी गवर्नमेंट सोर्स के जरिए 2004 से 2021 के बीच 144 UFOs के बारे में जानकारी दी गई थी। पेंटागन इन्हें अन-आइडेंटिफाइड एरियल फिनॉमिना यानी UAP कहता है।
- खास बात ये थी कि रिपोर्ट में UFOs देखे जाने की न तो पुष्टि की गई और न ही इस बात को खारिज किया गया। ये जरूर कहा गया कि इस तरह के ऑब्जेक्ट पृथ्वी पर एलियंस के आने का संकेत हो सकते हैं।
- 1947 से 1969 तक अमेरिकी एयरफोर्स ने प्रोजेक्ट ब्लू बुक नाम से एक जांच ऑपरेशन चलाया। इसमें कुल 12,618 रिपोर्ट्स की जांच में पाया गया कि यह सामान्य घटनाएं थीं। जबकि 701 रिपोर्ट्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं निकल सकी।
- 2007 से 2012 के बीच एडवांस्ड एयरोस्पेस थ्रेट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम (AATIP) लॉन्च हुआ। बाद में यह प्रोग्राम बंद कर दिया गया। इन सभी प्रोजेक्ट की रिपोर्ट सीक्रेट रखी गई। 2020 में एक प्रोग्राम शुरू किया गया, जिसे अनआइडेंटिफाइड एरियल फिनॉमिना टास्क फोर्स नाम दिया गया।
