इजराइली सैनिकों ने गुरुवार को राहत सामग्री (खाना) लेने पहुंचे गाजा के लोगों पर फायरिंग कर दी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस दौरान 112 फिलिस्तीनी मारे गए। 760 लोग घायल हुए।
इजराइली सेना ने कहा- सैनिकों ने भीड़ पर इसलिए फायरिंग की क्योंकि उन्हें लोगों से खतरा महसूस हुआ। एक चश्मदीद ने न्यूज एजेंसी AFP को बताया- अल नाबुल्सी शहर में राहत सामग्री से भरा एक ट्रक पहुंचा था। लोगों ने इसे घेरना शुरू कर दिया। ट्रक के पास ही इजराइली सेना के टैंक और सैनिक खड़े थे। लोग उनकी तरफ भी बढ़ने लगे। इतने में सैनिकों ने फायरिंग शुरू कर दी। भगदड़ मच गई।
वहीं, सेना ने कहा- सभी लोगों ने जरूरत का सामान लूटना शुरू कर दिया। वो हमारी तरफ बढ़ रहे थे, हमें लगा वो लोग खतरनाक हो सकते हैं इसलिए फायरिंग की।
अल नाबुल्सी शहर में हुई फायरिंग के बाद शवों को गधा गाड़ी पर ले जाया गया।
जिस ट्रक में राहत सामग्री आई उसी में शवों को ले जाया गया
7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई इजराइल-हमास जंग में अब तक 24 अस्पताल और 123 एम्बुलेंस तबाह हो चुकी हैं। कोई गाड़ी नहीं होने के कारण घायलों और शवों को गधा गाड़ी से अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा जिस ट्रक में राहत सामग्री पहुंची थी उसमें भी शवों और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। जंग में अब तक 30 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
खाना चुरा रहे हमास आतंकी
इजराइल का कहना है कि हमास आतंकी जरूरत का सामान गाजा के लोगों तक पहुंचने नहीं दे रहे हैं। वो खाना चुरा रहे हैं। जरूरत का सामान लेने पहुंचे लोगों से मारपीट करने के बाद आतंकी ये सामान लेकर भाग रहे हैं।
इजराइली सेना ने इसका एक वीडियो जारी किया। इसमें हमास आतंकी राहत सामग्री चोरी करते दिखे। सेना ने वीडियो के साथ लिखा- गाजा के लोगों की जरूरतों से ज्यादा जरूरी आतंकवादियों की जरूरतें हैं।
22 लाख फिलिस्तीनी भुखमरी की कगार पर
UN का कहना है कि गाजा के 22 लाख लोग भुखमरी की कगार पर हैं। इधर, UN के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर कार्ल स्काउ ने कहा है कि वो इतने सामान का प्रबंध कर रहे हैं, जिससे एक महीने के लिए गाजा के लोगों की भूख मिटाई जा सके।
