
इंदौर के भंवरकुआ में होस्टल संचालक को 10 लाख रुपए के लिए धमकाने का मामला सामने आया है। आरोपी ने क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बन संचालक को रोका था। पुलिस इस मामले में तफ्तीश करती रही। आरोपी की पहचान होने के बाद मामले में केस दर्ज किया है। भंवरकुआं पुलिस ने देव रघुंवशी की शिकायत पर लोकेश राजपूत और उसके साथी पर धमकाने के मामले में केस दर्ज किया है। आरोपियों ने रास्ते में रोककर ट्रेडिंग का काम बताते हुए 10 लाख रुपए की मांग की। देव मूल रूप से विदिशा का रहने वाला है।
उसने पुलिस को बताया कि वह यहां एमपीपीएससी की तैयारी करने के साथ गर्ल्स होस्टल और लाइब्रेरी का संचालन करता है। 6 अगस्त को वह अपने दोस्त अंकित यादव के साथ बाइक पर कलर पेंट खरीदने गया। जब वह गणेश नगर से शिवमपुरी कॉलोनी के लिये जा रहे थे तो रास्ते में बाइक पर दो लड़के आए।
उन्होंने आते ही चेकिंग की। एक आरोपी ने अपना नाम लोकेश राजपूत बताया। हमें पुलिस डिपार्टमेंट की धमकी दी। मारपीट करने लगे। दोस्त और आसपास के लोगों ने बचाव किया। देव ने बताया कि वह धमकी से डरकर विदिशा चले गया।
वहां परिवार को पूरी जानकारी दी और मामले में केस दर्ज कराया। पूरे मामले में नकली पुलिस की भूमिका की बात सामने आ रही है। आरोपियों को ट्रेस करने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
