- अपहरण की सूचना पर पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि वह एक बार भी कोचिंग नहीं आई।
- पुलिस ने 40 छात्रावासों की जांच का अभियान चलाया
- मंगलवार रात 9.30 बजे भोलाराम उस्ताद मार्ग पर आखिरी बार छात्र के साथ दिखी छात्रा
- दीक्षा हास्टल में छापे के दौरान भी नहीं मिले छात्र-छात्रा
इंदौर। अपहरण की साजिश कर पिता से रुपये मांगने वाली छात्रा मंगलवार रात अंतिम बार भोलाराम उस्ताद मार्ग पर देखी गई। अपराध शाखा और कोटा पुलिस ने छात्र और छात्रा का सीसीटीवी फुटेज निकाल लिया है। पुलिस को एक मोबाइल मिला है, जिसे दोनों जल्दबाजी में दोस्त के रूम पर छोड़ कर भाग गए।
जांच में शामिल एक अधिकारी के मुताबिक छात्रा काव्या धाकड़ का पिछले साल सितंबर में नीट की पढ़ाई के लिए कोटा में आर्य भट्ट टावर स्थित फिजिक्स वाला कोचिंग क्लासेस में एडमिशन करवाया गया था। अपहरण की सूचना पर पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि वह एक बार भी कोचिंग नहीं आई।
उसका दोस्त हर्षित स्वजन को काल कर कोचिंग आने और जाने की झूठी सूचना देता रहा। हर्षित से काव्या की दोस्ती है और दोनों भंवरकुआं थाना क्षेत्र स्थित भोलाराम उस्ताद मार्ग पर रहते थे। काव्या ने हर्षित के साथ पिता रघुवीर से रुपये वसूलने की साजिश की। इस साजिश में ब्रजेंद्र भी शामिल रहा।
मंगलवार रात पुलिस ने ब्रजेंद्र को हिरासत में लिया तो उसने बताया कि दोनों (काव्या और हर्षित) की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उनके पास सिर्फ ढाई हजार रुपये बचे हैं। पहचान पत्र नहीं होने के कारण उन्हें रूम भी नहीं मिल रहा है। पुलिस ने करीब 40 हाॅस्टल में तलाशी अभियान चलाया।
सुबह चार बजे भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित दीक्षा हाॅस्टल में होने की खबर मिली। टीम ने छापा मारा तो काव्या और हर्षित कमरे में नहीं मिले। रात में ही पुलिस ने अमन सोलंकी नामक युवक को हिरासत में लिया। उसने बताया कि काव्या को दीक्षा हाॅस्टल में छोड़ने के बाद अमन उसके पास सोने आया था। पुलिस को उसका मोबाइल मिल गया।
