इंदौर शहर को भिक्षुक मुक्त शहर बनाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है बड़े लंबे समय से नगर निगम भी इस पर काम कर रहा है जगह-जगह चौराहा पर भीक्षा वृति करने वाले लोग देखने के लिए मिलते हैं जो छोटे बच्चों का सहारा लेकर भीख मांगते हैं ऐसे में अब इंदौर कलेक्टर ने कड़ा कदम उठाया है जिसमें 15 फरवरी से इंदौर शहर में एक भी भिक्षुक नहीं दिखेगा वहीं लोगों से भी अपील की है कि भिक्षुओं को भीख देना बंद करें
वही निगम आयुक्त हर्षिका सिंह ने कहा कि कुछ दिन पहले इंदौर कलेक्टर ने बैठक ली थी जिसमें मल्टी डिपार्टमेंट की एक टीम बनाई है जिसमें महिला बाल विकास ,सामाजिक न्याय और अन्य टीम मिलाकर एक टीम बनाई गई है जिसमें लॉजिस्टिक और तमाम तरह के जो सपोर्ट होते हैं वह नगर निगम की टीम जरूर करेगी।
