युवती को संक्रमित खून का इंजेक्शन लगाने के मामले में नया खुलासा महिला सहित तीन सफाई कर्मी गिरफ्तार

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर युवती को इंजेक्शन लगवाने वाले गुंडे ने टीबी अस्पताल से संक्रमित खून खरीदा था। मल्हारगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर किशोर कोरी दो दिन से पुलिस को गुमराह कर रहा था। सोमावर सुबह किशोर टूटा और सफाई कर्मी से संक्रमित खून खरीदना कबूला। सराफा पुलिस ने एमआरटीबी की महिला सफाई कर्मी सहित तीन को गिरफ्तार किया है।
पहले बताई थी ये बात
रामनगर (मल्हारगंज) निवासी कुख्यात गुंडे किशोर कोरी ने 22 वर्षीय युवती को धानगली में इंजेक्शन लगवाया था। शुक्रवार को पुलिस ने किशोर को संजय वर्मा (रानीपुरा) के साथ गिरफ्तार किया और दावा किया कि उसने युवती को गंभीर बिमारियों से संक्रमित करने की मंशा से बीमार भिखारी का खून मंगवाया था। भूतेश्वर मंदिर के समीप रहने वाले भिखारी को शराब पिलाकर खून निकाला था।
देर रात पुलिस भिखारी को तलाशने पहुंची तो आरोपित मुकुर गया। पुलिस वालों से कहा वह तो झूठ बोल रहा था। खून परिचित शैलेंद्र चंदेल और लोकेश कंडारे के जरिए मनोरमा राजे टीबी (एमआरटीबी) अस्पताल से मंगवाया गया था। दोनों एमवाय अस्पताल में सफाई कर्मी है। लोकेश की पत्नी संगीता एमआरटीबी अस्पताल में साफ सफाई करती है।
फिल्म देखकर रची थी साजिश आरोपितों ने 15 हजार रुपये में सौदा किया और संगीता मेडिकल वेस्ट से संक्रमित खून का इंजेक्शन उठाकर ले आई। इंजेक्शन एक दिन तक संजय वर्मा के घर फ्रीज में रखा और दूसरे दिन जीवन की फेल में रहने वाले रोहन व आकाश बौरासी को सुपारी देकर लगवाया डीसीपी के मुताबिक शैलेंद्र, लोकेश और संगीता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित रोहन और आकाश की तलाश है। गौरलतब है कि किशोर कोरी पर 12 अपराध दर्ज है।उसने तमिल भाषाई फिल्म आई देख कर साजिश रचि थी।

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